
डिजिटल लाइब्रेरी और एआई लैब जैसी सुविधाओं से लैस हैं नए भवन
छतरपुर। मध्यप्रदेश सरकार, सीएम राइज योजना के जरिए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों को केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर विकसित करने की मंशा से नवीन सीएम राइज विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है। छतरपुर जिले में योजना के प्रथम चरण में कुल 8 ब्लॉक स्तरीय आधुनिक सीएम राइज विद्यालय तैयार किए जा रहे हैं, जो जल्द ही बनकर तैयार होने वाले हैं। संभवत: अगले शैक्षणिक सत्र से इन नवीन विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरु हो जाएगा और यहां के विद्यार्थी प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों की बराबरी करते नजर आएंगे।मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के उप महाप्रबंधक चंद्रमणि मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सीएम राइज योजना के पहले चरण में जिले के सभी ब्लॉक में एक-एक आधुनिक सीएम राइज विद्यालय बनाया जा रहे है, जिनमें से ज्यादातर विद्यालयों का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। उन्होंने बताया कि नवनिर्मित सीएम राइज विद्यालयों में कवर्ड कैंपस, स्मार्ट रूम, स्मार्ट क्लास, आईटीसी लैब (कम्प्यूटर लैब), म्यूजिक रूम, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, क्रिएटिव थिंकिंग एरिया, डांस रूम, मल्टीपरपज हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी, एआई लैब, फायर सिस्टम जैसी तमाम आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है। श्री मिश्रा ने बताया कि नौगांव और छतरपुर के भवन पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं, यहां फिनिशिंग का कार्य चल रहा है जो अगले 1 से 2 माह में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा बिजावर, बकस्वाहा, चंदला और राजनगर के विद्यालयों का कार्य भी 80 फीसदी पूर्ण हो चुका है। बड़ामलहरा और बारीगढ़ के भवनों का कार्य देरी से प्रारंभ होने के कारण अभी 50 से 60 फीसदी पूरा हुआ है।कहां, कितनी लागत से बन रहे भवनउप महाप्रबंधक चंद्रमणि मिश्रा ने बताया कि जिला मुख्यालय पर छतरपुर ब्लॉक के लिए बनाए जा रहे आधुनिक सीएम राइज विद्यालय के भवन का निर्माण 32 करोड़ 99 लाख की लागत से किया गया है, जबकि नौगांव ब्लॉक के विद्यालय की लागत 27 करोड़ 7 लाख है। इसी तरह बिजावर ब्लॉक में 24 करोड़ 36 लाख, बकस्वाहा में 25 करोड़ 94 लाख, बारीगढ़ में 31 करोड़ 67 लाख, चंदला में 28 करोड़ 66 लाख की, राजनगर में 29 करोड़ 2 लाख और बड़ामलहरा में 29 करोड़ 43 लाख की लागत से आधुनिक सीएम राइज विद्यालय भवन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी भवनों की समय-समय पर विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है, ताकि भवन की गुणवत्ता और सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही न हो।







