टीकमगढ़। चोरों की तलाश तो दूर, घटना के लगभग एक माह बाद भी पुलिस ने मामले की एफआईआर तक दर्ज नहीं की। जबकि फरियादी के लाखों रूपए के जेबरात और तीस हजार नगद अज्ञात चोर ले उड़े। डेढ़ माह से फरियादी थाना देहात के चक्कर लगा रहा है और पुलिस बिल मांगने में लगी है। फरियादी ने वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है।
थाना देहात अंतर्गत ग्राम मामौन निवासी संतोष कुमार लोधी पिता राम प्रसाद लोधी ने बताया कि बच्चों के जन्मदिन एवं अन्य अवसरों पर मिलने वाले हाय एवं सोने के अन्य जेबरात सहित जेवर और नगदी अज्ञात चोर 26 जून को चोरी कर ले गए थे। इस घटना के बाद से अब तक थाना देहात के कई चक्कर लगा चुके हैं। आन लाइन आवेदन के साथ ही थाना प्रभारी थाना देहात टीकमगढ़ को घटना के संबन्ध में जानकारी दी गई, इसके बाद भी अब तक न तो चोरी का खुलासा किया जा रहा है और न ही मामले की एफआईआर की गई है। बताया गया है कि 26 जून 26 की मध्यरात्री चोरी यह चोरी की घटना घटित हुई। आवेदन में सन्तोष कुमार ्रलोधी पिता स्वर्गीय राम प्रसाद लोधी निवासी ग्राम पंचायत मामोन सरदार सिंह कालेज के पास ने कहा है कि दिनांक 25 जून 26 की मध्य रात्री में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा घर में घुस कर कुल 5 ताले तोडक़र सोने चांदी के जेबरात और तीस हजार रूपए नगर चोरी कर लिए। बताया गया है कि अज्ञात आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देकर तोडफ़ोड़ कर भाग निकले। घटना के दौरान वह प्रथ्वीपुर मुख्यालय पर थे और घर पर कोई नहीं था। गौर करने लायक बात यह है कि शहर में चोरी जैसी घटनाओं को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। चोरी की बढ़ती घटनाओं एवं चोरों के बुलंद होते हौसलों ने लोगों की ङ्क्षचता बढ़ा दी है। अज्ञात चोरों ने क्षेत्र के अब तक धार्मिक स्थानों के अलावा दफ्तरों एवं लोगों के आवासों को अपना निशाना बना डाला है।
अज्ञात चोर ले उड़े यह जेबरात-
ग्राम मामौन अंतर्गत हुई चोरी की घटना के दौरान लाखों रूपए के जेबरात चोरी चले गए। चोरी गए जेबरातों में बच्चों की हाय सोने की 10 नग 20 ग्राम, सोने की अंगूठी दस ग्राम, सोने की राखी 03 नग 10 ग्राम, सोने की कोचियां 1 नग 4 ग्राम, चांदी की पायलें 05 जोड़ी 800 ग्राम, चांदी भी विछियां 3 जोड़ी 300 ग्राम, चांदी की हाफ पेटी 350 ग्राम, सोने का ऊं 2 ग्राम आदि जेबरात शामिल हैं। इसके अलावा 38 हजार रूपए नगर ले उड़े। उन्होंने कहा है कि अज्ञात चोरों का सुराग न लगाने एवं मामले की एफआईआर दर्ज न होने से उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक चोरों ने सारे जेबरात ही ठिकाने लगा दिए होंगे।








