
वैदिक रीति-रिवाज से शुरु हुई आयोजन की तैयारियां
छतरपुर। पिछले काफी दिनों से शहर के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक रावण दहन कार्यक्रम के स्थान को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई थी, जो अब स्पष्ट हो चुकी है। इस बार का रावण दहन कार्यक्रम शहर के नंबर-1 स्कूल के खेल मैदान में होगा। रविवार की सुबह सदर विधायक ललिता यादव और कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने वैदिक रीति-रिवाज से आयोजन स्थल पर पूजन कर आयोजन की तैयारियों का शुभारंभ किया।सदर विधायक ललिता यादव ने बताया कि हर वर्ष रावण दहन का कार्यक्रम बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में होता था, लेकिन अब स्टेडियम खिलाडिय़ों की सुविधा के अनुरूप तैयार हो गया है, जिसके चलते रावण दहन कार्यक्रम के स्थान में परिवर्तन करना पड़ा। प्रशासन और आयोजन समिति ने आपसी विचार-विमर्श के बाद नंबर-1 स्कूल के खेल मैदान को आयोजन के लिए चुना है, जहां आज से तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। इस वर्ष के दशहरा पर्व पर हर वर्ष की भांति धूमधाम से रावण दहन का कार्यक्रम यहां संपन्न होगा। विधायक ने बताया कि रावण दहन के कार्यक्रम हेतु नंबर-1 स्कूल के खेल मैदान को वैकल्पिक स्थान के तौर पर चुना गया है, हम प्रयास कर रहे हैं कि इस आयोजन हेतु एक स्थाई मैदान उपलब्ध हो, ताकि आयोजन समिति को परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि स्थान परिवर्तन होने से आयोजन की भव्यता प्रभावित नहीं होगी, बल्कि इस वर्ष का आयोजन और अधिक शानदार होगा। वहीं कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कहा कि शहर के ऐतिहासिक रावण दहन कार्यक्रम को पूर्ण भव्यता के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। हमने नगर पालिका की टीम को आयोजन समिति का सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को दी गई है। कलेक्टर श्री जैसवाल ने बताया कि आयोजन स्थल पर बैठक व्यवस्था में ज्यादातर कुर्सियों रखवाई जाएंगी और आयोजन स्थल के पास ही पार्किंग की व्यवस्था कराई जाएगी ताकि लोगों को अधिक दूर तक पैदल न चलना पड़े। कार्यक्रम के दौरान विधायक और कलेक्टर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा रामलीला समिति के सदस्य उपस्थित रहे।रावण के साथ जलेगा कुंभकर्ण और मेघनाद का प्रतिबिंबइस वर्ष के आयोजन की तैयारी कर रही श्री लाल कड़क्का रामलीला समिति के सचिव एडवोकेट नरेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि चूंकि अभी तक आयोजन के स्थान को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते हम तैयारियां शुरु नहीं कर सके लेकिन स्थान निर्धारित होते ही समिति ने तैयारियां शुरु कर दी हैं। समिति का प्रयास है कि अल्प समय में भी आयोजन बेहतर से बेहतर हो। वहीं केयर ग्रुप के डायरेक्टर मनीष दोसाज ने बताया कि इस वर्ष समिति रावण के साथ-साथ कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला भी बनवा रही है, दशहरे के दिन इस वर्ष रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद का प्रतिबिंब भी जलेगा। पुतला निर्माण के कार्य हेतु बाहर से कलाकार बुलाए गए हैं, जिन्होंने अपना कार्य शुरु कर दिया है। आयोजन समिति द्वारा यह भी कहा गया है कि यदि समयाभाव के चलते तीनों पुतले तैयार नहीं हो सके तो दशहरे के दिन हर वर्ष की भांति सिर्फ रावण का पुतला जलाया जाएगा।









