टीकमगढ़। प्रदीप खरे।पैतरों पर पैतरा…अफसरों की चुप्पी और तो और शासन से सब कुछ जानते हुए चाहा गया मशबिरा…आखिर कुछ भी काम नहीं आया। आखिर शासन ने भी पत्र जारी कर सारे मंशूबों पर पानी फेर दिया। तबादला उद्योग का मौसम हाथ से निकलने और दबदबा कम होने का मलाल तो जरूर रहेगा। मीडिया में आई तमाम खबरों के बाद हुए एक्शन ने शिक्षा विभाग में चल रही तमाम अटकलों को विराम दे दिया। कहा तो यह भी जा रहा था कि श्री चौहान शासन के निर्णय के विरूद्ध न्यायालय की शरण भी ले सकते हैं। लेकिन अब नहीं लगता कि डीईओ की कुर्सी लौटकर हाथों में आ सकेगी। फिलहाल अब वह अपने मूल पद पर आसीन होते नजर आएंगे। यहां तीन दिन से अधर में झूल रहे अमित जैन आखिर डीईओ बनाए गए। आज पहले दिन चार्ज लेने के साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से अनौपचारिक चर्चा की और परिचय लिया। श्री जैन के प्रभारी डीईओ बनाए जाने से शिक्षा विभाग की दिशा और दशा में सुधार के आसार नजर आने लगे हैं। एक युवा और योग्य अधिकारी के आने से परिवर्तन की उम्मीद बन ही जाती है। बताया गया है कि कुर्सी को लेकर मची खींचतान आखिर थमती नजर आने लगी है। शासन के निर्देश के आगे आखिर अब कोई और तरीका नजर नहीं आ रहा है। वैसे भी प्रदेश के अधिकांश जिला में प्रभार पहले ही दे दिए गए थे, केवल टीकमगढ़ ही ऐसा जिला रहा, जहां प्रशासन श्री चौहान के मामले में शासन के मार्गदर्शन का इंतजार करने में लगा था।
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, जिला टीकमगढ़ को जारी पत्र में सारी स्थिति स्पष्ट करते हुए अमित जैन, सहायक संचालक, को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिये जाने के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि अमित जैन, सहायक संचालक के 23 जून 2026 को भेजे गए पत्र के संदर्भ में शासन ने स्पष्ट निर्देश देते हुए उन्हें प्रभार दिए जाने के निर्देश प्रभारी डीईओ श्री चौहान को दिए हैं। कहा गया है कि उपर्युक्त विषयान्तर्गत लेख है कि लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश कमांक स्था/ 1ध्राज/ बी/ 46/ 2025/ 1098 दिनांक 22 जुलाई 2025 के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ का पद रिक्त होने के कारण प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से हनुमंत सिंह चौहान (प्राचार्य उमावि) प्राध्यापक, डाइट कुण्डेश्वर जिला टीकमगढ़ को अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी जिला टीकमगढ़ का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा गया था। मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश कमांक 1093/1336691/2026/20-1 दिनांक 18 जून 2026 के द्वारा अमित जैन, सहायक संचालक, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक जिला पन्ना को सहायक संचालक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला टीकमगढ़ के पद पर पदस्थ करते हुये जिला शिक्षा अधिकारी जिला टीकमगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। संदर्भित पत्र के माध्यम से अमित जैन, ने दिनांक 22 जून 2026 को कार्यालय शिक्षा अधिकारी जिला टीकमगढ़ में उपस्थिति प्रदान करने की सूचना दी गई है।
ैक्या कहते है संचालक द्विवेदी-
मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 27 अप्रैल 2026 से जारी किये गए संशोधित नियमों में अनुसूची एक के सरल क्रमांक 10 पर यह स्पष्ट किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक संचालक के 02 पद स्वीकृत हैं। जिला टीकमगढ़ में सहायक संचालक के 02 पद स्वीकृत होने से अमित जैन की पदस्थापना की गई है। आगे कहा गया है कि अत: अमित जैन, सहायक संचालक, को तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ का प्रभार दिये जाने हेतु निर्देशित किया जाता है। आयुक्त द्वारा अनुमोदित इस पत्र में केके द्विवेदी संचालक लोक शिक्षण, मध्य प्रदेश भोपाल ने स्पष्ट आदेश कर अमित जैन को प्रभार सौंपे जाने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि बीते रोज मीडिया से रूबरू होकर श्री चौहान ने कहा था कि यहां मेडम रस्तौगी पहले से मौजूद हैं, जिस कारण से उन्हें चार्ज नहीं दिया जा सकता। उन्होंने एक ही पद होने की बात मीडिया से कही थी। इस तरह स्पष्ट होता है कि वह श्री जैन को डीईओ का चार्ज देना नहीं चाह रहे थे।
इन अधिकारियों को भेजीं प्रतिलिपियां-
विशेष सहायक, माध्यमिक स्कूल शिक्षा मंत्री मप्र शासन, मंत्रालय भोपाल, महालेखाकार मप्र ग्वालियर, सचिव मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल, संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल, कलेक्टर, जिला टीकमगढ़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत टीकमगढ़, संयुक्त संचालकए लोक शिक्षणए सागर संभाग सागर, जिला कोषालय अधिकारी जिला टीकमगढ़, हनुमंत सिंह चौहान (प्राचार्य उमावि) प्राध्यापक, डाइट कुण्डेश्वर जिला टीकमगढ़ को जिला शिक्षा अधिकारी जिला टीकमगढ़ के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाता है।
मीडिया को किया गुमराह-
इस दौरान एक तो प्रभारी डीईओ श्री चौहान मीडिया से बचते नजर आए, वहीं दूसरी ओर जिन मीडिया कर्मियों से रूबरू हुए भी, तो उन्हें गुमराह करते हुए गलत जानकारी दे बैठे। यहां बता दें कि श्री चौहान ने कहा था कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक संचालक का एक पद स्वीकृत है, जिस पर मेडम रस्तोगी पदस्थ हैं। श्री चौहान ने कहा था कि इस संबन्ध में शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। मार्गदर्शन मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखने वाली बात यह है कि श्री चौहान आगे क्या करते हैं। क्या जिले के इस महत्वपूर्ण पद से प्रथक होकर डाइट में अपने मूलपद पर कार्य करेंगे…या फिर और कोई रास्ता अख्तियार करेंगे। वैसे भी तबादला उद्योग भी अब ज्यादा दूर नजर नहीं है।
…और थम गई खींचातानी
इन दिनों शिक्षा विभाग में डीईओ की कुर्सी को लेकर खींचातानी मची हुई थी । प्रभारी अफसर का मोह इस कदर बढ़ा था कि वह फिलहाल कुर्सी को छोडऩे के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। आला अधिकारी भी सारे दिन मची धमा चौकड़ी से पूरी तरह अंजान बने रहे। उन्होंने इस मामले में किसी प्रकार का दखल देना मुनासिब नहीं समझा। जिले में वैसे भी अधिकांश विभागों में प्रभारियों की पौबारह बनी रही है। मूल पदों पर न रहकर मलाईदार पदों पर मौज मारने वालों की लंबी फेहरिस्त रही है। जिनमें कुछ तो तीन-चार दफ्तरों का प्रभार लिए रहे। ऐसे में शासन की मंशा को कहां तक पूरा किया जाएगा, यह तो प्रशासन की बता सकता है। लंबी रस्सा कसी के बाद आखिर अमित जैन को प्रभार सौंप दिया गया है।









