टीकमगढ़। सरकार और बिगड़ते सिस्टम को लेकर इन दिनों सवाल लगातार उठाए जाने लगे हैँ। रसूकदारों द्वारा नियम कायदों को धता बताकर जिस तरह से फायदा उठाया जा रहा है, उसने प्रशासन की मौन स्वीकृति को लेकर चिंता जताना शुरू कर दिया है। शहर में आए दिन होने वाली धांधली और मनमानी के बाद भी प्रशासन की उदासीनता ने आम लोगों की नाराजगी को बढ़ाने का काम किया है। एक ओर ठेलों को हटाने में जल्दबाजी और दूसरी ओर इमारतों को मिलते अभयदान ने एक नई कार्यशैली को जन्म दिया है। यहां पपौरा ट्रस्ट में पूर्व पदाधिकारी विनय जैन ने जहां अपने पिता की मौत के लिए उनके खिलाफ रचे गए षड्यंत्र को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं षड्यंत्रकारियों द्वारा रची गई कूटनीति पर भी सवाल उठाए है। यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने अपने पिता की मौत और उनके खिलाफ रचे षड्यंत्र के बीच लोगों की चुप्पी पर भी चिंता जाहिर की है। श्री जैन ने कहा है कि श्री 1008 दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पपौरा जी के पूर्व अध्यक्ष कोमलबंद जैन (सुनवाहा) से संबंधित कथित कूटरचित (फर्जी) चेक के माध्यम से राशि का आहरण किए जाने के मामले में राजीव जैन वर्धमान पार्षद भाजपा द्वारा श्री 1008 अतिशय क्षेत्र पपौरा जी के पूर्व अध्यक्ष कोमलचन्द सुनवाहा आयु 85 वर्ष एवं कोषाध्यक्ष हेमचन्द्र सिंघई आयु 75 वर्ष के खिलाफ जो मुकद्मा दर्ज किया गया था, उसको पुलिस द्वारा जाँच करने पर कोई दोष नहीं पाये जाने पर न्यायालय द्वारा समाप्त कर दिया गया था। बताया गया है कि राजीव जैन पार्षद द्वारा जो कूट रचित दस्तावेजों से मुकद्मा दर्ज कराया था, उसको विनय जैन सुनवाहा द्वारा परिवाद के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), टीकमगढ़ ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संज्ञान लेते हुए प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं। प्रकरण में राजीव जैन वर्धमान, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हैं, के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 336(4) एवं 340 (2) सहित संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत मामला न्यायालय में पंजीबद्ध किया गया है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए विनय सुनवाहा ने बताया कि न्यायालय ने मामले का अवलोकन करने के उपरांत संज्ञान लेते हुए प्रकरण को विचारण हेतु स्वीकार किया तथा आगामी कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध किया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, टीकमगढ़ में जारी रहेगी।
80 हजार के चैक से हुई छेड़छाड़-
उल्लेखनीय है कि राजीव जैन द्वारा 2012 के 80 हजार रूपये के चैक पर कूट रचना कर 2020 कर मामला दर्ज कराया था । पूर्व अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष को अग्रिम जमानत का लाभ न मिले, इस हेतु उसी कूट रचित चैक को राजीव जैन द्वारा शपथ पत्र सहित माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में आपत्ति दर्ज कर मान्नीय उच्च न्यायालय को गुमराह किया । जिससे पूर्व अध्यक्ष कोमलचन्द सुनवाहा द्वारा क्षेत्र एवं समाज की सेवा में अपनी आयु के लगभग 50 वर्ष समर्पित किये थे, जिससे प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान एवं मानसिक आघात हुआ, इसी गम में परलोक सिधार गये । न्यायालय द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विधिसम्मत कार्यवाही प्रारंभ की गई है। मामले की अगली सुनवाई न्यायालय के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।
बर्खास्त अध्यक्ष बडक़ुल पर आरोप-
पत्रकार वार्ता के दौरान विनय सुनवाहा ने कहा कि ज्ञातव्य हो कि इसी प्रकार का मामला पपौरा जी के पूर्व बर्खास्त अध्यक्ष अनिल जैन बडक़ुल द्वारा पपौरा जी क्षेत्र के पूर्व से चले आ रहे संविधान से छेड़-छाड़ की गई थी, जो मामला रजिस्ट्रार ट्रस्ट में चला था, जिसमें अनिल बडक़ुल को दोषी माना गया था और हिदायत दी गई थी। इस फैसले के बाद प्रबंध कार्यकारिणी पपौरा जी द्वारा इनको पद एवं सदस्यता से बर्खास्त कर दिया था। और कोमलचन्द्र सुनवाहा को सर्व सम्मति से अध्यक्ष पद पर मनोनीत कर देने से अनिल बडक़ुल एवं वीरेन्द्र पहलवान ने कोमलचन्द सुनवाहा से रंजिश बना ली और बदला लेने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में न्यायालय में परिवाद लगाया, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया टीकमगढ़ के 8 चैक कोमलचन्द्र सुनवाहा व कोषाध्यक्ष हेमचन्द्र सिंघई के हस्ताक्षरों से जारी किये गये थें, जिनको आधार बनाकर आरोप लगाये थे जो वर्ष 2016 में न्यायालय द्वारा खारिज किया गया, फिर अनिल बडक़ुल द्वारा रिवीजन जिला न्यायालय में लगाया, जो वर्ष 2017 में खारिज हुआ ।
शासन की नियमों की उड़ा रहे है धज्जियां-
इन्हीं 2012 के 8 चैकों में से एक चैक राशि 80 हजार रूपए पर वर्ष 2020 की कूट रचना कर राजीव जैन वर्धमान पार्षद द्वारा पुन: कोमलचन्द सुनवाहा एवं हेमचन्द सिंघई के खिलाफ संगीन धाराओं में फर्जी मामला दर्ज कराया था। जिसमें भाजपा पार्षद राजीव वर्धमान को कूट रचना का दोषी पाये जाने पर मामला दर्ज किया गया है। राजीव जैन पार्षद होते हुये नगर पालिका में अपने रसूख का इस्तेमाल करके नगर पालिका द्वारा नवीन स्टेट बैंक के सामने दी गई दुकानों की गैलरी में पक्का निर्माण करके अतिक्रमण किये हुये हैं, इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। लेकिन नगर पालिका की मिली भगत से आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है एवं उसी के सामने उनका वर्धमान मॉल संचालित है, जिसमें कोई पार्किंग स्पेस नही दी गई है। शासन के नियमों के अनुसार कोई कॉमर्शिल मॉल में वेस मेंट पार्किंग की सुविधा होना अनिवार्य है, तभी नगर पालिका द्वारा मॉल संचालित करने की अनुमति दी जाती है, जो शासन के नियमों का खुला उल्लंघन है जिससे आये दिन रोड पर जाम लगा रहता है। वार्ता के अंत में पुष्पेन्द्र जैन केशवगढ़ ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर विजय जैन, सुनील जैन, सनत कुमार जैन, प्राचार्य सुनील जैन, अशोक जैन, राकेश खन्ना, कैलाश जैन, सुरेन्द्र लौडुआ, अभय जैन, अजय जैन, अज्जी मोदी सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।










