छतरपुर। कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास चंदला में सहायक रसोइया के पद पर कार्यरत रही पीडि़ता श्रीमती संतोष वर्मा पत्नी उमेश वर्मा, निवासी चंदला, ने अधिकारियों की मनमानी और अनियमतताओं के खिलाफ एक बार फिर छतरपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई है। पीडि़ता ने आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और उन्हें पुन: सहायक रसोइया के पद पर कार्य करने का अवसर प्रदान करने की मांग की है।
आवेदन पत्र में पीडि़ता ने बताया कि वह लंबे समय से छात्रावास में रसोइया का कार्य कर रही थीं। 1 जून 2023 को एक दुर्घटना के दौरान हाथ पर सीमेंट का टीन गिरने से उनका हाथ टूट गया था, जिसके इलाज के बाद जब वे वापस काम पर लौटीं तो उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के कार्य करने से रोक दिया गया। इसके साथ ही पीडि़ता ने आरोप लगाया है कि उनसे 20,000 रुपये की मांग की गई थी, और राशि देने से इंकार करने पर उनके साथ अनुचित व्यवहार तथा दुव्र्यवहार किया गया।
पीडि़ता का कहना है कि वे इस संबंध में कलेक्टर, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई लिखित आदेश या समाधान नहीं मिला है। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच किसी तटस्थ अधिकारी से कराई जाए जो पूर्व में इस प्रकरण से जुड़ा न रहा हो। साथ ही बिना लिखित आदेश के कार्य से रोकने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए और किए गए एक्शन की लिखित जानकारी उन्हें दी जाए।









