बकस्वाहा। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सामने आ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकस्वाहा से जिला अस्पताल छतरपुर रेफर होने वाले मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है। इसके चलते मरीजों के परिजनों को मजबूरी में निजी वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। रविवार को ऐसे दो मामले सामने आए, जिनमें घंटों इंतजार के बाद भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
पहला मामला छतरपुर रोड पर हुए सड़क हादसे का है। हादसे में रामरति लोधी (35) और तेजी लोधी (40) घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल छतरपुर रेफर किया गया, लेकिन परिजनों के अनुसार, काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं मिली। आखिरकार उन्हें निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा।
वहीं, दूसरा मामला मच्छद्री निवासी ज्योति अहिरवार (18) का है। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उन्हें भी समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि घंटों इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिलने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला मुख्यालय से दूरी के कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने की शिकायत भी सामने आ रही है।
एक ही दिन में दो मामलों ने एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर एंबुलेंस मिल सके।









