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टीकमगढ़ के पपौरा जी में होगा सत्य और अहिंसा के पुजारियों का समागम-पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर महा मुनिराज के ससंघ सानिध्य में होगा पंचकल्याणक महा महोत्सव

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टीकमगढ़। शांतिदूत और अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने वाले आराध्य देवतुल्य आचार्य श्री विद्या सागर सहित अनेक मुनियों की चरण रज अपने में समेटे जैन तीर्थ पपौरा जी का इतिहास चमत्कारों एवं आस्थाओं से भरा पड़ा है। यहां आने वालों के मन मस्तिष्कस में अहिंसा और शांति को लेकर विचार स्वयं ही प्रकट होने लगते हैं। आपसी सद्भाव और प्रेम की गंगा में यहां आते ही लोग डुबकी लगाने लगते हैं। पावन तीर्थ के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए पपौरा जी में एक बार फिर संत समागम और पंच कल्याण की धूम मचेगी। इस भव्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समिति के पदाधिकारियों द्वारा आयोजन के साथ ही यहां भरने वाले मेले की तैयारियां की जा रही है। इस संबन्ध में दी गई जानकारी के दौरान बताया गया है कि पंचकल्याणक महोत्सव में हजारों की संख्या में जैन श्रद्धालुओं के अलावा अन्य अतिथि भी हिस्सा लेंगे।
पपौरा सिद्ध क्षेत्र के अध्यक्ष सुनील जैन ने जानकारी देते हुये बताया कि पपौरा जी दिगंबर जैन समाज का एक प्राचीन एवं अत्यंत श्रद्धा का केंद्र है, जो अपनी प्राचीनता, तपोभूमि एवं आध्यात्मिक वातावरण के लिए विख्यात है। पपौरा जी में समतल भूमि पर 108 जिन मंदिर विराजमान हैं, जो लगभग 1200 वर्ष प्राचीन माने जाते हैं। यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही साधु-संतों की आराधना एवं तपस्या की पावन स्थली रहा है।
गौरवशाली रहा है इतिहास-
यहाँ स्थित जैन मंदिरों एवं जिन प्रतिमाओं का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, जो श्रद्धालुओं को धर्म, तप एवं संयम की प्रेरणा प्रदान करता है। पपौरा जी क्षेत्र में समय- समय पर अनेक धार्मिक आयोजन एवं पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न होते रहे हैं, जिससे इसकी पहचान एक प्रमुख जैन तीर्थ के रूप में स्थापित हुई है। इस महा महोत्सव पर आयोजन समिति के महामंत्री विनय सुनवाहा ने विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि तीर्थंकर भगवान के जीवन के पाँच महत्वपूर्ण कल्याणकों (गर्भ, जन्म, तप, दीक्षा, ज्ञान एवं मोक्ष) की में जैन पंचकल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन दिनांक 8 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक पपौरा जी, टीकमगढ़ मध्यप्रदेश में परम पूज्य पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के ससंघ पावन सान्निध्य में संपन्न होने जा रहा है।
96 हजार किमी की पदयात्रा पूर्ण-
ज्ञात रहे कि परम पूज्य पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज लगभग 96000 किमी की पैदल यात्रा पूर्ण कर चुके हैं। और लगभग 9 वर्षों बाद 4 अप्रैल 2026 को प्रात: 8 बजे पौरा की पावन वसुन्धरा पर पुन: आगमन हो रहा है। महामहोत्सव की शुरूआत 7 अप्रैल 2026 को घटयात्रा टीकमगढ़ से शुरू होकर विभिन धार्मिक आयोजन के साथ प्रारंभ होगा एवं विशेष आकर्षण भगवान मुनि सुव्रतनाथ जी की 21 फीट पद्मासन प्रतिमा, भगवान भरत जी की 41 फीट उत्तुंग प्रतिमा एवं भगवान बाहुबली स्वामी जी की उत्तुंग 41 फीट भव्य प्रतिमा सहित विभिन्न जिनबिंबों की प्राण.प्रतिष्ठा महामहोत्सव रहेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पुण्यदायी एवं अलौकिक अवसर होगा।
प्रतिदिन होंगा पूजन-अभिषेक-केशवगढ़
मीडिया प्रभारी एवं क्षेत्र के उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र केशवगढ़ ने पंचकल्याणक के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि इस पावन महोत्सब के अंतर्गत प्रतिदिन प्रात: पूजन, अभिषेक, शांति धारा एवं विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे, साथ ही पूज्य मुनिराज के ससंघ सान्निध्य में धर्मसमा एवं प्रवचनों एवं अनेक सांस्कृतिक आयोजन होगें, जिनमें जैन धर्म के मूल सिद्धांतों अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह एवं अनेकांतवाद पर प्रकाश डाला जाएगा। भगवान मुनि सुव्रतनाथ जी की 21 फीट पद्मासन प्रतिमा दानवीर चिंतामणि जिन मूर्ति दान संकल्पित गुरुभक्त परिवार देवेन्द्र कुमार श्रीमती बीना देवी, राजल मयुरी, स्नेहा नेहा, बाब्र परी दीदी, अंशी, मोक्षी, सिद्धांशी, वर्धमान, अभिजात काला परिवार एवं भगवान भरत जी की 41 फीट उत्तुंग प्रतिमा प्र सिद्धम भैया जी (मुनि श्री सिद्ध सागर जी), ब्र विपुल भैया जी भिण्ड (मुनि श्री सिद्धार्थ सागर जी) , ब्र हिमांशु भैया जी भिण्ड, (मुनि श्री सहर्ष सागर जी) ब्र हार्दिक भैया जी इंदौर (मुनि श्री सत्यार्थ सागर जी), ब्र राजेश भैया जी ललितपुर (मुनि श्री सार्थक सागर जी), ब्र विपुल भैया जी छतरपुर (मुनि श्री सार्थ सागर जी), ब्र. तन्मय भैया जी जबलपुर (मुनि श्री समकित सागर जी), ब्र. अंकुर भैया जी छतरपुर (मुनि श्री सम्यक सागर जी) व भगवान बाहुबली स्वामी जी की उत्तुंग 41 फीट प्रतिमा गुरुमक्त परिवार कटक उड़ीसा निवासी वालों ने प्रदान की।
होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम-
महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक झांकियां एवं समाज सेवा से जुड़े विभिन्न आयोजन भी किए जाएंगे, एवं समाज एवं विभिन्न वर्गों से जुड़ी अनेक हस्तियों शामिल होगी। जिससे श्रद्धालुओं को धर्म के साथ-साथ संस्कृति से जुडऩे का अवसर प्राप्त होगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष विजय तैवरैया द्वारा समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं, माताओं-बहनों एवं युवाओं से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ प्राप्त करें एवं इस महोत्सव को सफल बनाने में अपनी सहभागिता प्रदान करें। क्षेत्र के मंत्री पवन सतभैया ने कहा कि यह महा महोत्सव न केवल आध्यात्मिक उन्नत्ति का अवसर है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों एवं सदाचार के प्रसार का भी एक सशक्त माध्यम है और अपील की समस्त धर्म प्रेमी महानुभाव इस महामहोत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
यह रहे मौजूद-
प्रेस वार्ता के अवसर पर उत्तम चंद मौगना, सनत जैन प्राचार्य, अरुण सुनवाहा, अजय मोदी, कैलाश जैन, अभय तेवरैया, निर्मल जैन, राकेश बन्दावली, राकेश मडवैया, सुरेन्द्र सुनवाहा, सुरेन्द्र लोडुआ, पवन धौर्रा, हर्ष सतभैया, ऋ षभ भदौरा, संतोष जैन, संजीव भदौरा, पुष्पेन्द्र जैन केशवगढ़ एवं ट्रस्ट व आयोजन समिति के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें । प्रबंधकारिणी समिति श्री 1008 दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पपौराजी एवं महामहोत्सव समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज टीकमगढ़ ने आयोजन को सफल बनाने एवं धार्मिक आयोजन का लाभ उठाने की अपील की है।

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