छतरपुर। बीते रोज राजनगर थाना क्षेत्र के नदया गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब थाने से निकलकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। विवाद में घायल दूसरे पक्ष का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट की है, जबकि एफआईआर सिर्फ एक पक्ष पर की गई है, जो कि न्याय संगत नहीं है। दूसरे पक्ष ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की दोपहर नदया मारपीट मामले का ठाकुर परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां सीएसपी अरुण कुमार सोनी को ज्ञापन सौंपा गया। आवेदन देने आए परिवार के गजेंद्र सिंह ने बताया कि विवाद की शुरुआत बच्चों के आपसी झगड़े से हुई थी, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया और पाल तथा ठाकुर परिवार के लोगों ने एक दूसरे के साथ मारपीट कर दी। मारपीट में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। ठाकुर परिवार के भी कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज ग्वालियर में चल रहा है। गजेंद्र सिंह ने बताया कि राजनगर थाना में पुलिस ने पाल परिवार की शिकायत पर उनके परिवार के 28 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जबकि पाल परिवार पर मामला दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। वहीं ज्ञापन लेने के बाद सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने बताया कि दो दिन पहले दोनों पक्षों में मारपीट की घटना हुई थी। चोट और साक्ष्यों के आधार पर एक पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसकी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई चल रही है। वहीं दूसरा पक्ष भी घायल होने का दावा कर रहा है, उनका ज्ञापन लिया गया है। सीएसपी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच जल्द पूरी कर कार्रवाई की जाएगी।










