छतरपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अटल सभागार में भव्य आयोजन हुआ, जिसमें हजारों आदिवासी महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। रैली, गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने शहर को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया, साथ ही नशा मुक्ति और शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
रविवार, 10 अगस्त 2025 को अटल सभागार में विश्व आदिवासी दिवस के साप्ताहिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में उत्साह के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा, डॉ. भीमराव अंबेडकर, रानी दुर्गावती, ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद डाकखाना चौक, बस स्टैंड और मुख्य बाजार से विशाल रैली निकाली गई, जिसमें एक तीर एक कमान, सभी आदिवासी एक समान के नारे और आदिवासी गीत-संगीत गूंजे। माताएं, बहनें और युवा डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े। रैली के बाद अटल सभागार में मंचीय कार्यक्रम हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि संम्मल सिंह मरकाम (सहायक संचालक, सागर), विशिष्ट अतिथि सोनू रावत (जयस नारी शक्ति प्रदेश अध्यक्ष, सागर), अनारी लाल आदिवासी, फूलचंद कोदर, मुन्ना सिंह मरकाम, लाल बहादुर अहिरवार, वेंकट राम गोंड, हजारी लाल, सुरेंद्र सिंह, रघवीर सिंह पटवारी, दीनदयाल, राजेश आदिवासी, कैलाश आदिवासी, मालती गोड़, मंटू सरपंच, डॉ. अरुण यादव, रामबाबू, विक्रम सिंह, रमेश, नंदराम, छोटू बारेला, पप्पू कनेश, अंकुर, रानी रैकवार, आर.डी. प्रजापति, विनोद पटेल, तीर्थ कुशवाहा और पत्रकार मोहम्मद इमरान सहित अन्य उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समाज को नशा, अंधविश्वास और कुरीतियों से दूर रहने, शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देने का आह्वान किया। कुछ ने आदिवासी समाज पर हो रहे अन्याय की बात उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने पर जोर दिया गया। गोंडवाना अधिकारी कर्मचारी संघ, जय गोंडवाना संगठन और जयस जैसे संगठनों ने एकजुटता दिखाई। अंत में पहलवान सिंह, नंदकिशोर, सुरेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह मरकाम और राजेश कुमार ने सभी का आभार जताया। यह आयोजन आदिवासी समाज की एकता और शक्ति का प्रतीक बना, साथ ही नशा मुक्ति और शिक्षा के लिए प्रेरणा दी।










