
किसानों ने समिति प्रबंधक पर लगाए आरोप
हरपालपुर। जिले के किसान इन दिनों खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। समितियों में खाद न होने के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है और इसी बात का फायदा उठाकर कुछ मुनाफाखोर व्यापारी खाद की कालाबाजारी करते हुए औने-पौने दामों पर खाद बेचने में लगे हैं।
मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे सहकारी समिति रानीपुरा खाद लेने पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि समिति में खाद उपलब्ध होने के बावजूद समिति प्रबंधक द्वारा उन्हें खाद नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने बताया कि खाद से भरा ट्रक आने के बाद वे कई घंटे तक समिति के बाहर खड़े रहे लेकिन प्रबंधक द्वारा खाद नहीं बांटा गया। किसानों ने यह भी बताया कि बाजार में डीएपी खाद की बोरी 16 सौ से दो हजार रुपए की बेची जा रही है। चूंकि इस समय किसानों को डीएपी की बेहद आवश्यकता है, जिस कारण से उन्हें मजबूरन महंगे दामों पर खाद लेनी पड़ रही है। हालांकि जब रानीपुरा समिति के कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित पैमाने के अनुसार खाद दी जा रही है। कैंथोकर निवासी किसान बृजकिशोर अरजरिया, धनपत पाल, महेन्द्र पाल सिंह, महिला किसान लाड़कुंवर आदि ने बताया कि वे मंगलवार को सुबह से लाइन में लगी हैं, लेकिन दोपहर 1 बजे तक उन्हें खाद नहीं मिल पाया है। कुछ किसानों का यह भी कहना था कि पहले भी दो-तीन दिन से आ रहे हैं लेकिन खाद नहीं दी जा रही है। समिति प्रबंधक पर आरोप लगाया गया है कि वे शासन से वितरण के लिए प्राप्त होने वाली खाद को ब्लैक में बेच रहे हैं, जिस कारण से किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को ग्राम सरसेड़, कैंथोकर, गुढ़ौ, काकुनपुरा, गलान, लहदरा, चपरन, मड़ोरी, बोदी, रानीपुरा के किसान परेशान होते नजर आए।








