
विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस पर हुई कार्यशाला, जागरुकता रैली भी निकली
छतरपुर। प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष की भांति सितंबर माह के दूसरे शनिवार को मनाए जाने वाले विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के शताब्दी हॉल में एनसीसी-25 एमपी बटालियन और जिला अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बटालियन के कैडेट्स और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने की विधि और इसका महत्व बताया। वहीं एनसीसी बटालियन के कर्नल नितिन थापा और सूबेदार बालवीर सिंह के नेतृत्व में कैडेट्स ने जागरूकता रैली भी निकाली।शताब्दी हॉल में आयोजित कार्यशाला में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जीएल अहिरवार सहित अन्य चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से जानकारी दी, साथ ही अलग-अलग अकस्मात स्थिति जैसे प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना, हादसा, आगजनी आदि की स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा देने की विधि बताई। सिविल सर्जन डॉ. जीएल अहिरवार ने बताया कि वर्ष 2000 में पहली बार इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटी द्वारा प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर माह के दूसरे शनिवार को विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया था और उसके बाद से हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। वहीं एनसीसी बटालियन के कर्नल नितिन थापा ने कहा कि सेना के अलावा हर क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा मददगार है। यदि हमें प्राथमिक चिकित्सा देने की विधि पता हो तो हम अपने जीवन में कई लोगों की जान बचा सकते हैं।









