दिगौड़ा। तहसील के अंतर्गत दिगौड़ा सहित अन्य ग्रामों में कई प्राइवेट स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में लगे वाहनों द्वारा स्कूल के छोट-छोटे बच्चों को वाहन में अधिक संख्या में भरकर ले जाया जा रहा है। यहां पर स्कूली वाहनों की जिम्मेदारों द्वारा चेकिंग नहीं की जा रही है। लोगों ने बताया है कि इन वाहनों में इतने अधिक बच्चों को भरकर स्कूल ले जाया जाता है और यदि बच्चों को ले जाते समय कोई घटना होती है इसका जिम्मेदार कौन होगा। इन प्राइवेट स्कूलों में लगे जो भी वाहन बच्चों को तय सीमा से अधिक बैठाकर ले जाते हैं। उन वाहनों पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। आज शनिवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें दिगौड़ा के पास विघा तिगैला पर संचालित ज्ञान स्थली स्कूल का एक छोटा हाथी वाहन में ग्राम दोर, पूनोल व दिगौड़ा से करीब 35 से 40 बच्चे को बैठाकर स्कूल ले जा रहा था। तभी किसी व्यक्ति ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसको लेकर लोगों का कहना है कि स्कूल के जिन वाहनों में तय सीमा से अधिक बच्चों को बैठाकर स्कूल ले जाया जाता है। उन स्कूली वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल प्रबंधन के द्वारा वाहन में घर से स्कूल तक ले जाने का एक छात्र से 500 रूपए महीने का किराया भी लिया जाता है। ऐसे में एक वाहन में 35 से 40 बच्चों को भरकर ले जाया जा रहा है। लोगों ने कहा है कि इस वाहन का चालक वाहन को तेज रफ्तार से भी चलाता है और यदि इस दौरान कोई घटना हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। बच्चों के अभिभावकों ने इस संबंध में ज्ञानस्थली स्कूल प्रबंधन के पास पिछले साल व इस साल कई बार शिकायत भी की गई। स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को बताया गया कि एक दो दिन में दूसरे वाहन की व्यवस्था बना दी जाएगी, लेकिन पिछले साल से आज तक इसी तरह से वाहनों में बच्चों को तय सीमा से अधिक भरकर स्कूल तक ले जाया जा रहा है।








