छतरपुर। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में स्थित हुसैन मस्जिद के पीछे बने 22 मकानों पर बुधवार सुबह प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई, जबकि पूरे घटनाक्रम पर ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी गई। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच मकानों को ध्वस्त किया गया।प्रशासन का कहना है कि ये मकान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए थे। गोपाल टौरिया की ओर जाने वाले मार्ग पर कब्जा किए जाने के कारण सड़क चौड़ीकरण में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसी को लेकर पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे।एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि सभी अतिक्रमणकारियों को तीन बार नोटिस दिए गए थे और समझाइश भी दी गई थी। कुछ लोगों ने स्वयं अतिक्रमण हटा लिया था, जबकि शेष के खिलाफ बुधवार को कार्रवाई की गई। लगभग 20 लोगों की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। वहीं वार्ड पार्षद अब्बास अली ने प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन मकानों को तोड़ा गया, वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए थे। ऐसे में लोगों को बेघर करना अन्यायपूर्ण है। सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि नगर पालिका और राजस्व विभाग अपने स्तर पर वैधानिक कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस बल केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया था, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने अपनी पीड़ा भी बताई। पीडि़ता संतों ने कहा कि उनके पति बेरोजगार हैं, चार बच्चे हैं और वे घरों में झाड़ू-पोछा कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनका एकमात्र कमरा भी तोड़ दिया गया, अब उनके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं बचा। इसी तरह मोहम्मद शाहिद ने बताया कि उनका मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना था। मंगलवार शाम को नोटिस दिया गया और बुधवार सुबह ही मकान तोड़ दिया गया, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।










