छतरपुर। साईबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में एसपी अगम जैन द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन फास्ट (फॉज्र्ड-एक्टिवेटेड-सिम-टर्मिनेशन) के तहत छतरपुर पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो जिले के अलग-अलग इलाकों में फर्जी तरीके से सिमकार्ड बेच रहे थे। बताया गया है कि सभी आरोपी अपने ग्राहकों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग करते हुए फर्जी सिम सक्रिय कर रहे थे, जो कि अपराध का हिस्सा है। शुक्रवार को एएसपी विदिता डागर ने पुलिस कॉन्फ्रेंस हॉल में मामले का खुलासा करते हुए कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी।
एएसपी विदिता डागर ने बताया कि एसपी अगम जैन के निर्देश पर राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन में 15 सदस्यीय टीम गठित की गई थी, जिसने छतरपुर कोतवाली, ईशानगर, गढ़ीमलहरा, महाराजपुर और लवकुशनगर थाना क्षेत्रों में सिम विक्रेताओं के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की। जांच में 13 पीओएस धारकों द्वारा फर्जी तरीके से सिम बेचे जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत अपराध दर्ज किए गए। एएसपी ने बताया कि अभी ईशानगर निवासी सुंदर रैकवार, महाराजपुर निवासी मनोज कुशवाहा, कालीचरन कुशवाहा, गनपत प्रजापति, गढ़ीमलहरा निवासी गौरव चौरासिया, गोलू चौरासिया, अमित चौरसिया और लवकुशनगर निवासी संगीता कुशवाहा, मुकेश पटेल, अभिषेक पाठक तथा जीतेन्द्र कुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उक्त आरोपी सिम पोर्ट कराने या बैंक खातों से पैसे निकालने आए ग्राहकों के अंगूठे के निशान और आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी सिम सक्रिय करते थे, जिन्हें अन्य राज्यों में साइबर ठगी के लिए भेजा जाता था। पुलिस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में पूछताछ और जांच कर रही है।
पुलिस ने आमजन से की अपील
इस मौके पर एएसपी विदिता डागर ने आमजन से अपील करते हुए कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से सिम लें, व्यक्तिगत पहचान दस्तावेजों का सावधानी से उपयोग करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें। इसके अलावा नागरिक संचार साथी वेबसाईट पर अपने आधार कार्ड से जारी सिमों की जानकारी प्राप्त कर अनुपयोगी सिम बंद भी करा सकते हैं।









