
टीकमगढ़। स्टेडियम तालियों से गूंजता रहा, खिलाड़ी तो जैसे दीवाली मना रहे थे। शहर का हाल भी कम खुशनुमा न था। खुश होता भी क्यों नहीं, बुंदेली बिटिया ने एक मैच में छह विकेट लेकर इतिहास जो रच डाला था। निकटवर्ती कस्बा घुवारा की बिटिया क्रांति गौड़ की कामयाबी से समूचा बुंदेलखंड खुशी से झूम उठा। बीते रोज इतिहास रचकर लौटने वाली क्रांति गौड़ का यहां स्टेशन पर जिस तरह से एतिहासिक स्वागत किया गया, वह अद्वितीय था। राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधि से लेकर आम नागरिक तक क्रांति का स्वागत करने आतुर दिखा। यहां बता दें कि क्रांति का उत्साह बढ़ाने में टीकमगढ़ के क्रिकेट खिलाडिय़ों से लेकर खेल प्रेमियों तक का उत्साह कम नहीं रहा। जब-जब यहां नजरबाग खेल मैदान पर क्रांति ने कमाल दिखाया, यहां खेल प्रेमियों ने उसका उत्साह बढ़ाया। टीकमगढ़ महिला क्रिकेट टीम भी उनके सफर का हिस्सा रही। ज्ञात हो कि यहां नजरबाग ग्राउंड पर होने वाले अमर शहीद महिला लेदर बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में 8 बर्षो से घुवारा की बेटी क्रांति गौण अपना प्रदर्शन करती आ रही हैं। उन्होंने भारत की ओर से खेलते हुए इंग्लैंड दौरे पर एक ही मैच में 6 विकेट लेकर इतिहास रच डाला। बुंदेलखंड की हर बेटी का सपना होता है इंडिया खेलना और अच्छा प्रदर्शन कर मैच को जीतना। बीते रोज शुक्रवार को क्रांति गौण दिल्ली से बन्दे भारत ट्रैन से जैसे ही टीकमगढ़ आई, यहां स्वागत करने वालों का तांता लग गया। भव्य स्वागत के साथ क्रिकेट के सफऱ के बारे में बताया गया कि यहां विगत दस सालों से अमर शहीद महिला लेदर बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। टीकमगढ़ मुख्यालय के नजरबाग मैदान पर होने वाले इस टूर्नामेंट की संयोजिका शिवानी-विनय प्रताप सिंह के द्वारा बहिन बेटियों को टूर्नामेंट के माध्यम से एक प्लेटफार्म देने का काम किया। यहां बच्चों को बड़ी- बड़ी टीमों से मैच खेलने का मौका ही नहीं मिला, बल्कि उनके प्रदर्शन ने उन्हें ऊंचा मुकाम दिलाया। टीकमगढ़ जिले में महिला लेदर बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट बुंदेलखंड मध्य प्रदेश में पहला टूर्नामेंट कहा जाता है, इसमें 10 टीमें हिस्सा लेती हैं। शिवानी-विनय प्रताप सिंह का सपना था की गल्र्स खिलाड़ी टीकमगढ़ से इंडिया खेलें। महिला खिलाड़ी क्रांति गौड़ गुरु क्लब टीकमगढ़, आरसी क्रिकेट अकेडमी टीकमगढ़ की ओर से विगत 8 साल से खेल रही है। विनय प्रताप सिंह ने कहा कि मेरा सपना था कि अमर शहीद महिला लेदर बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल रही बहिन-बेटी इंडिया के लिए खेलें, आज मेरा ये सपना पूरा हो गया। बहिन क्रांति गौड़ के रूप में टीकमगढ़ जिले के सभी परिवार के व्यक्तियों से कहना चाहता हूँ कि बेटियां किसी लडक़े से कम नहीं होती हैं, उन्हें आप खिलायें, क्योंकि टीकमगढ़ जिले में प्रतिभा हर परिवार मे है, बस हमें नजरिया चाहिए उन्हें आगे बढ़ाने के लिए। अमर शहीद महिला लेदर बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में बहुत कठनाई आई, बहुत लोग कहते थे की क्या लड़कियों का टूर्नामेंट कराते हो, वह क्या खेलेंगी, क्या होगा तों आज टीकमगढ़ जिले ने ये साबित कर दिया कि गल्र्स टूर्नामेंट कराना सही साबित हुआ और बहुत जल्द टीकमगढ़ जिले की कुछ बहिन बेटियां भी टीकमगढ़ जिले का नाम रोशन करेंगी, मेहनत जारी है। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट को सफल बनाने में अनेक समाजसेवियों, क्रिकेट खिलाडिय़ों एवं पत्रकारों का योगदान रहा है। जिनके सहयोग से 10 बर्षों से आयोजन हो रहा है। टूर्नामेंट के संरक्षक राजेंद्र तिवारी, डॉ विनोद राय, प्रदीप खरे पत्रकार, संयम चतुर्वेदी, मोहित खरे, गोलू अग्रवाल, अंशुल खरे, अंकित बाधवा, प्रवेन्द्र गुप्ता, रिंकू भदौरा, शरद बड़ोनिया, विकास मोदी, विपुल तेवरैया, अभिनव, छोटू सिंघई हौंडा, अंशुल, मोना जैन, लबली जैन, रोहित सिंघई, सौरभ खरे, रोहित जैन, मयंक गोयल गौरब जैन, अंकित खरे, अंकित बाधवा सहित अनेक सदस्यों ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए क्रांति गौड़ को बधाईयां दी हैं।








