
टीकमगढ़। नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, हैप्पी न्यू ईयर, नया साल मुबारक हो। भगवान आपकों स्वस्थ्य रखे। आपकी आयु लंबी हो। घर-परिवार में सुख समृद्धि आए। इस तरह की एक नहीं, अनेक दुआएं दी जा रही थीं। सर्दी के बाद भी गली-चौराहों पर सुबह से ही युवाओं की भीड़ नजर आने लगी। वर्ष 2025 का स्वागत करने का अपना-अपना तरीका था। कोई मंदिरों में पूजा-अर्चना करने में लगा था, तो कोई गांवों में जाकर गरीबों की सेवा करने में लगा था। जिले भर में नए साल का जोर शोरसे स्वागत किया गया। मंदिरों में पूजा अर्चना और गरीबों की मदद कर साल का पहला दिन मनाने वालों की संख्या कम नहीं रही। साल 2025 का स्वागत करने का तौर तरीका देख इस बार बुजुर्गों में भी खुशी देखी गई। पैसों का अनाप-शनाप खर्च करने वाले युवाओं ने अपना रास्ता बदल कर धर्म और सेवा के रास्ते पर खुद को लाकर अपनी भारतीयता का परिचय दिया। आसपास के स्थानों पर युवाओं ने पिकनिक आदि मनाकर परिवार के साथ मौज-मस्ती की। नव वर्ष मनाने का बदला तरीका और युवाओं के बदल स्वरूप की लोगों ने खुले ह्रदय से सराहना की। नगर सहित जिले में नव वर्ष 2025 बड़े ही परपंरागत तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करने के साथ ही पूजा-अर्चना की गई। बताया गया है कि तीर्थ स्थली कुंडेश्वर, बगाज माता मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर सुनवाहा, बिंध्यवासनी मंदिर बल्देवगढ़, अछरूमाता मंदिर, बड़ागांव हनुमान मंदिर सहित अनेक मंदिरों पर बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी। उन्होंने पूजा-अर्चना कर नए साल की बेहतरी के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सुनवाहा देवी मंदिर, बगाज माता मंदिर एवं कुंडेश्वर में मेला लगा रहा। सैकड़ों की संख्या में यहां महिलाओं और बच्चों ने खरीददारी की और लजीज व्यंजनों का जायका लिया। साल का पहला दिन लोगों ने पूजा-अर्चना कर बिताया। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया। इस बार नगर में पहली बार देखा गया कि अधिकांश युवाओं ने होटलों में होने वाली पार्टियों से दूर बनाई। देर रात तक घूमने वाली युवाओं की टोलिया भी नदारत रहीं। होटलों के धूम धाम से बचकर युवाओं ने धार्मिक स्थलों पर जाना ही मुनासिब समझा। शराब पीने वालों का सडक़ों पर नजर न आना और धार्मिक स्थलों पर युवाओं बढ़ती संख्या से लोगों का उत्साह बढ़ता नजर आया। होटलों पर सूनापन बना रहा। जिन होटलों पर सारी रात धमाल मचा रहता था, उनमें कई होटलों पर सन्नाटा पसरा रहा।
कहीं बांटे कंबल, तो कहीं कपड़े-
साल के पहले दिन कई समाजसेवियों ने गांव-गांव जाकर कंबल आदि वितरित किए। कहीं लोगों ने गरीबों को कपड़े दिए तो कहीं गायों को भोजन कराया गया। कई जगहों पर लोगों ने बच्चों को फलादि वितरित किए। अधिकांश लोगों ने नए साल को मनाने का तौर तरीका बदलकर सेवा के लिए समर्पित किया। हजारों की संख्या में चामुंडा देवी मंदिर एवं बगाज माता मंदिर पर श्रद्धालु पहुंचे और दर्शन कर प्रसाद वितरित किया। लोगों ने देवालयों पर ही भोजनादि कर मेले का लुत्फ उठाया। बड़ौरा घाट हनुमान मंदिर पर भी भक्तों का मेला लगा रहा। इस दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। मेला स्थलों पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए। मानवीय सेवा समिति के सदस्यों ने गरीबों को कंबल वितरित कर नया साल मनाया। समिति के सचिव मनीराम कठैल ने बताया कि समिति द्वारा सर्दियों में गरीबों को कंबल वितरित किए जाते हैं। अब तक कई स्थानों पर पहुंचकर कंबल वितरित किए जा चुके हैं। इस दौरान देवेन्द्र योगी, कैलाश खरे, ओमप्रकाश रावत, इरफान सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
भजन कीर्तन और सुंदरकांड हुआ-
नव वर्ष पर जगह-जगह सुंदरकांड एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। नगर की कोतवाली में संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन किया गया। इसके साथ ही प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी सहित अन्य नगरवासी भी मौजूद रहे। यहां बता दें कि कोतवाली परिसर में ही देवी मंदिर मौजूद है, जहां दर्शन मात्र से ही लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती रही हैं। बीते रोज मैया का मनोहारी श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही नगर के प्रतापेश्वर महादेव मंदिर, सिद्देश्वरी देवी मंदिर, नजरबाग मंदिर, झिरकी बगिया, जानकीबाग मंदिर सहित अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।








