
डॉ शर्मा ने काउंसलिंग कर पहुंचाया परिवार के पास
छतरपुर। पिछले कुछ समय से शहर के बस स्टैंड क्रमांक 2 में बने यात्री प्रतीक्षालय में डेरा जमाए एक युवक की वेशभूषा से उसे मानसिक विक्षिप्त माना जा रहा था। मानसिक विक्षिप्तों के सेवक डॉ संजय शर्मा को उसकी मदद के बारे में कहा गया। डॉ. शर्मा ने जब युवक से बात की तो पाया कि वह मानसिक विक्षिप्त नहीं बल्कि शराब के नशे ने उसकी यह हालत बनाई है। काउंसलिंग करने के बाद परिवार को पुलिस के माध्यम से सूचना पहुंचाई और युवक को परिवार तक पहुंचा दिया।जानकारी के मुताबिक बिगत दिनों शहर के बस स्टैंड क्रमांक 2 में संचालित जन सहयोग रसोई के सदस्यों ने सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति का पुरस्कार प्राप्त कर चुके डॉ संजय शर्मा को सम्मानित करने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया। इसी दौरान कुछ सदस्यों ने बताया कि यात्री प्रतीक्षालय में पिछले कई महीनो से एक युवक पड़ा रहता है। उसकी स्थिति देखकर ऐसा लग रहा है जैसे वह मानसिक विक्षिप्त हो। डॉ शर्मा ने युवक के पास जाकर उससे जानकारी लेने का प्रयास किया तो ज्ञात हुआ कि उसका नाम जगदीश यादव है, वह दो-तीन महीने से बीमारी की हालत में लेटा हुआ है। शराब का आदी होने के कारण उसकी यह स्थिति बनी है। युवक से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि वह बड़ामलहरा के मनकारी गांव का रहने वाला है। डॉ शर्मा ने सिविल लाइन थाना प्रभारी के माध्यम से बड़ा मलहरा टी आई तक यह जानकारी पहुंचाई, जहां से जानकारी युवक के घर तक पहुंची। परिणाम स्वरुप युवक के माता-पिता जिला मुख्यालय आए और बेटे को अपने साथ ले गए। डॉ शर्मा के इस प्रयास से एक युवक को न केवल उसका परिवार मिल गया बल्कि अब नया जीवन भी मिल सकेगा।









