टीकमगढ़। बुंदेलखंड का टीकमगढ़ जिला उद्योगिक, पर्यटन एवं अन्य साधनों की दृष्टि से पिछड़ता जा रहा है। निवाड़ी जिला बनाए जाने के बाद से तो जैसे टीकमगढ़ को नए सिरे से विकास की राह बनाना पड़ी है। यहां के पर्यटन स्थलों का विकास जहां अवरूद्ध सा पड़ा है, वहीं रेल साधनों का अभाव होने से भी यहां रोजगार के स्थाई साधनों का टोटा बना हुआ है। प्राचीन नगरी होने के बाद भी टीकमगढ़ वह जिला है जहां गरीबी, बेरोजगारी एवं अन्य समस्याएं आज भी सुरसा का रूप लिए हुए है। इसके लिए जागरूकता का अभाव एवं अशिक्षा भी एक कारण कहा जा सकता है। बिना किसी अतिरिक्त धन खर्च के शुरू की जाने वाली प्रयाग, जबलपुर, रायपुर रेल सेवा तक शुरू नहीं की जा सकी है। इसके साथ ही इस रेल मार्ग की उपेक्षा ने आम लोगों की नाराजगी को बढ़ाने का काम किया है। स्थानीय युवा नेता विकास यादव द्वारा लगातार समस्याओं को लेकर उठाई जा रही आवाज ने लोगों में उम्मीद की नई किरण जरूर दिखाई है। कहा जा रहा है कि जनहित में की जा रही मांगों को ही सरकार यदि पूरा करती है, तो इसका सीधा लाभ यहां की जनता को मिल सकेगा। बताया गया है कि भोपाल से लखनऊ को चलाई जाने वाली प्रस्तावित वंदे भारत ट्रेन को ललितपुर, टीकमगढ़, खजुराहो, चित्रकूट, प्रयागराज होते हुए चलाये जाने की मांग को लेकर भाजपा नेता विकास यादव ने रेलवे के महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखा है। पत्र में श्री यादव ने लिखा है कि जानकारी प्राप्त हुई है कि रेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भोपाल से लखनऊ तक नई वंदे भारत ट्रेन को चलाए जाने का प्रस्ताव है। यदि भोपाल-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन संचालित की जाती है, तो उस वंदे भारत ट्रेन को भोपाल से बीना, ललितपुर, टीकमगढ़, खजुराहो, महोबा चित्रकूट-प्रयागराज मार्ग से लखनऊ तक चलाया जाये। श्री यादव ने कहा है कि वंदे भारत ट्रेन यहां से निकलने पर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो, भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट, विश्व के एकमात्र त्रिवेणी संगम प्रयागराज से राजधानी भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। भोपाल से लखनऊ तक यह प्रस्तावित ट्रेन वीरांगना लक्ष्मी बाई झाँसी मार्ग से 584 किलोमीटर का सफर तय करेगी और यदि इस ट्रेन को भोपाल से बीना, ललितपुर टीकमगढ़, खजुराहो, महोबा, चित्रकूट, प्रयागराज मार्ग से लखनऊ तक चलाया जाये तो 886 किलोमीटर का सफर तय करेगी, जो वंदे भारत ट्रेन के लिये ज्यादा नहीं है। ट्रेन के इस मार्ग से चलने से भोपाल के साथ-साथ बुंदेलखण्ड अंचल के धर्मप्रेमियों, पर्यटकों एवं आमआदमी को भी बेहतर रेल सेवा का लाभ मिल सकेगा। श्री यादव ने उम्मीद जताई है कि बुंदेलखंड अंचल के लोगों की इस मांग के समर्थन में रेलवे द्वारा आवश्यक रूप से सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।









