छतरपुर। जिले के बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रनगर में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे डाली गई मिट्टी में पुराने सिक्के मिलने का दावा किया। सोशल मीडिया पर मिट्टी से सिक्के बटोरते ग्रामीणों के वीडियो वायरल होने के बाद मौके पर भारी हुजूम उमड़ पड़ा। ग्रामीणों का दावा है कि ये सिक्के राजगढ़ पैलेस के मैदानी इलाके की खुदाई से निकली मिट्टी में मिले हैं और ये करीब 500 साल पुराने सोने के सिक्के हैं।स्थानीय सूत्रों के अनुसार राजगढ़ पैलेस के मैदानी इलाके की खुदाई से निकली मिट्टी को एनएच-39 के किनारे भराव के लिए डाला गया था। राहगीरों की नजर जब मिट्टी में चमकते सिक्कों पर पड़ी, तो शोर मच गया। देखते ही देखते ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी में रात भर मिट्टी छानी। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि कई लोगों के हाथ भारी मात्रा में सिक्के लगे हैं, जिन्हें वे अपने साथ ले गए हैं। अब प्रशासनिक अधिकारी इन सिक्कों की पहचान और उन्हें ले जाने वालों की तलाश में जुट गए हैं। पैलेस के अंदर की खुदाई और पूर्व के दावों पर उठ रहे सवाल इस घटना ने क्षेत्र में पुरानी चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि बाहरी इलाके की मिट्टी में सिक्के मिल रहे हैं, तो महल के भीतर हुई खुदाई का सच क्या है? चर्चा है कि वर्ष 2004 और 2005 के दौरान भी महल परिसर के अंदर खुदाई की गई थी। उस समय मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने को लेकर भी अब ग्रामीण कई तरह की कल्पनाएं और जांच की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि ओबेरॉय ग्रुप द्वारा संचालित इस परिसर के भीतर आखिर क्या रहस्य छिपे हैं? बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचित कर दिया गया है। हालांकि, सिक्के वास्तव में सोने के हैं या किसी अन्य धातु के, और उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है, इसकी पुष्टि पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने और ऐसी किसी भी सामग्री को सरकारी संपत्ति मानकर जमा कराने की अपील की है।








