छतरपुर। शहर में एक कुत्ते की समझदारी और विभागीय तत्परता के चलते एक दुर्लभ विशाल उल्लू को मौत के मुँह से बाहर निकाल लिया गया। दरअसल शहर की एक आवासीय कॉलोनी में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर यह उल्लू लगभग 50 फीट की ऊंचाई पर एक पेड़ की टहनियों में बुरी तरह उलझ गया था, जिसे समय रहते स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक टीम के संयुक्त प्रयासों से बचा लिया गया।
पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब एक स्थानीय कुत्ते ने पेड़ के ऊपर फंसे उल्लू को देखकर लगातार भौंकना शुरू किया, जिससे आसपास के लोगों का ध्यान उस ओर गया। मौके पर पहुँचे लोगों ने देखा कि ऊंचाई पर फंसा उल्लू आजाद होने के लिए पंख फडफ़ड़ा रहा था, लेकिन धारदार मांझा उसके शरीर में और गहरा धंसता जा रहा था। तत्काल बिजली और वन विभाग को सूचित किया गया, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुँचकर पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराई ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। सीढिय़ों और विशेष उपकरणों की मदद से वन विभाग के कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मांझे को काटकर पक्षी को मुक्त कराया। प्राथमिक उपचार के पश्चात सुरक्षित पाए जाने पर उल्लू को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे जानलेवा चाइनीज मांझे का उपयोग न करें, अन्यथा दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।









