छतरपुर। करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बन चुके बागेश्वर धाम में वर्ष भर सामाजिक और धार्मिक सरोकार से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती है। चालू वर्ष 2025 भी साधना और परमार्थ के लिए समर्पित रहा। बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में बालाजी की कृपा से जनकल्याण के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। अंग्रेजी वर्ष 2025 समाप्त हो रहा है। इस 1 वर्ष में जहां धाम की गौशाला 5 हजार पौधे रोपे गए वहीं धाम की अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से 50 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया।108 आदिवासी बेटियों सहित 251 बेटियों का घर बसायाअंग्रेजी नव वर्ष के प्रारंभ होते ही बागेश्वर धाम में विगत वर्षों की भांति 2025 में भी धार्मिक गतिविधियां आयोजित की गई। शुरुआत में ही शिवरात्रि के पावन पर्व पर 108 आदिवासी बेटियों सहित 251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा गया। इस अवसर पर देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रोपदी मुर्मू ने बागेश्वर धाम आकर न केवल बेटियों को आशीर्वाद दिया बल्कि अपनी ओर से उपहार भी भेंट किये।23 फरवरी को प्रधानमंत्री ने राखी कैंसर अस्पताल के आधारशिलाअस्पतालों में मंदिर देखने के लिए तो अक्सर मिल जाते हैं लेकिन मंदिर में अस्पताल देखने का अवसर सिर्फ बागेश्वर धाम में मिलेगा। आग की तरह फैल रही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज दिलाने के लिए बागेश्वर सरकार के मन में प्रेरणा हुई जिससे दीन दुखियों की मदद के लिए उन्होंने कैंसर अस्पताल बनाने की घोषणा कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 फरवरी 25 को कन्या विवाह महा महोत्सव के अवसर पर आकर कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी। अस्पताल निर्माण परमार्थ के कार्यों के लिए नींव का पत्थर बनेगा।मुंबई के भिवंडी में स्थापित हुए बालाजी, 11हजार किमी दूर फिजी में बनेगा मठबागेश्वर महाराज हमेशा दीन दुखियों की मदद के लिए चिंतित रहते हैं। लाखों लोग ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी के कारण किराया लगाकर बागेश्वर धाम नहीं पहुंच सकते। ऐसे लोगों को बालाजी के आसानी से दर्शन हो सकें इसलिए मुंबई के भिवंडी में बालाजी सनातन मठ की स्थापना कराई गई। समाजसेवी रुद्र प्रताप त्रिपाठी ने भिवंडी में बालाजी की प्राण प्रतिष्ठा करते हुए वहां के लोगों के लिए बालाजी के दर्शन सुलभ कराए। महाराज श्री हर महीने इस मठ में दो-तीन दिन उपस्थित रहकर लाखों लोगों को आशीर्वाद दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर 11हजार किलोमीटर दूर फिजी में बागेश्वर मठ की स्थापना होगी, यहां दो लाख भारतीय रहते हैं।दुनिया के कई देशों में लहराया भगवा ध्वज, लंदन की संसद में गूंजा हनुमान चालीसाबागेश्वर महाराज ने इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया, फिजी, ओमान, लंदन, दुबई, न्यूजीलैंड जैसे देशों की यात्रा करते हुए यहां कथा के माध्यम से लोगों में सनातन के प्रति जुड़ाव पैदा किया। इन देशों में सनातन की ध्वजा भी लहराई। महाराज श्री की उपस्थिति में लंदन की संसद में हनुमान चालीसा की गूंज सुनाई दी। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने तिलक लगाकर सनातन का समर्थन किया। वहीं अफ्रीकी देश युगांडा में 15 अगस्त को तिरंगा लहराया गया।गुरु पूर्णिमा में हुई सन्यासी बाबा की पादुकाओं की पूजाहर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बागेश्वर धाम आने वाले लाखों लोग महाराज श्री के दर्शन करने के साथ उनकी पूजा करते थे लेकिन इस बार बागेश्वर महाराज ने अपनी पूजा न करवाते हुए सिद्ध संत सन्यासी बाबा की पादुकाओं की पूजा करवाई। भटके लोगों को राह दिखाने वाले सन्यासी बाबा की पादुकाओं की पूजा कर लोगों ने अपनी व्याधियों से मुक्ति पाई।दुनिया ने देखा सनातन एकता पदयात्रा का सैलाबहिंदुओं को एक सूत्र में बांधने और दुनिया भर में सनातन के शांति का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से बागेश्वर महाराज ने 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से श्री धाम वृंदावन की पदयात्रा की। देश विरोधी ताकते के लगातार कुत्सित प्रयास के बावजूद सन्यासी बाबा और बालाजी की कृपा से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो गई। इस यात्रा का सैलाब दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर खींचने के लिए मजबूर करता रहा। लोगों की आस्था कदम से कदम मिलाकर चलती रही। तीन से चार करोड लोगों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने वाली इस यात्रा में 48 चौपाल लगाई गई, वहीं 28 सहभोज हुए। जात-पात का भेदभाव भुलाकर लोग सुंदर और अनोखा भारत बनाने के लिए एकजुट दिखे।एकांतवास में लिखी मेरा सन्यासी पुस्तक, एक साथ डेढ़ लाख स्थानों में हुआ हवनवर्ष के अंत में दिसंबर में पूज्यपाद सद्गुरु भगवान सन्यासी बाबा की प्रेरणा से बागेश्वर महाराज ने मेरा सन्यासी नामक पुस्तक का लेखन किया। इस पुस्तक के माध्यम से लोगों को अलौकिक शक्ति से संपन्न सन्यासी बाबा की जीवन शैली, उनकी साधना एवं उनकी विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के बारे में लोगों को पता चल सकेगा। दिसंबर में ही देश के डेढ़ लाख स्थान से अधिक जगह में एक साथ ऑनलाइन माध्यम से लोगों ने हवन किया। हनुमान चालीसा का हवन कराकर बागेश्वर महाराज लोगों के जीवन की बाधाओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। सन्यासी बाबा की प्रेरणा से पांच बार इस तरह के हवन कराए जाएंगे। अगला हवन 4 जनवरी 2026 को होगा।










