छतरपुर। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत रानीताल, विकासखंड बड़ामलहरा के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किए जाने का गंभीर मामला कलेक्टर के समक्ष उठाया। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर आवास योजना में नाम जोडऩे के बदले पैसे मांगने के आरोप लगाए हैं। जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंची एक बुजुर्ग महिला को भीड़ और तनाव के चलते चक्कर आ गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे प्राथमिक उपचार दिलाया।ग्रामीणों ने लिखित शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और योजना के सभी मापदंडों पर खरे उतरते हैं। इसके बावजूद तत्कालीन सर्वे के दौरान उनके नाम सूची में नहीं जोड़े गए, जिससे आज भी वे कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। शिकायतकर्ताओं में नम्रता देवी, जमना, केसकली, रानीबाई, सुन्नाबाई, रेखा, संगीता, टुकन, सविता, छोटीबाई, रूपा, मीना, रजनी, पानबाई, जल्लो और सीता सहित कई महिलाएं शामिल हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव संतोष कुमार जैन ने उनसे नाम जोडऩे के बदले रिश्वत की मांग की। गरीब मजदूर होने के कारण वे पैसे नहीं दे सके, जिसके चलते उनके नाम सर्वे सूची से बाहर कर दिए गए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कई बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराकर पुन: सर्वे कराने और पात्र हितग्राहियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में जोडऩे की मांग की है। प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया गया है।









