छतरपुर। पन्ना टाइगर रिज़र्व के मड़ला क्षेत्र में गाइडों के बीच रोस्टर प्रणाली शुरू कर दी गई है। मड़ला गेट में प्रतिदिन 60 सफारी टिकट बुक होते हैं—35 सुबह और 25 शाम के लिए। प्रत्येक जिप्सी में एक ड्राइवर और एक गाइड अनिवार्य रहता है। अभी तक यहां 49 पंजीकृत गाइड कार्यरत थे, लेकिन रोजगार की कमी का सामना कर रहे झिन्ना बफर गेट के 10 गाइडों को भी मड़ला में शामिल कर लिया गया है।इसी बात को लेकर मड़ला गेट में कार्यरत गाइडों ने विरोध शुरू कर दिया, हालांकि राहत की बात यह है कि विवाद के बीच कुछ गाइडों ने विरोध समाप्त कर दोबारा काम शुरू कर दिया है।वन विभाग का कहना है कि 60 टिकटों के हिसाब से कम से कम 60 गाइडों की जरूरत है, जबकि कुल मिलाकर 59 गाइड ही उपलब्ध हैं। ऐसे में गाइडों द्वारा हड़ताल करना अनुचित है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि रोस्टर एकीकरण समान रोजगार अवसर सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।नियमों के अनुसार लेट नाइट सफारी में केवल पुरुष गाइड ही ड्यूटी देंगे, जबकि महिला गाइडों की तैनाती दिन की पाली में होगी। विभाग का उद्देश्य किसी गाइड के साथ भेदभाव न होने देना है, ताकि सभी को समान रूप से आय का अवसर मिल सके। झिन्ना बफर से मड़ला में शामिल किए गए गाइडों में शुभम सिंह बुन्देला, सुशील तिवारी, कृष्णकांत सिंह बुन्देला, मुकेश सिंह, कमल सिंह, राजकुमार यादव, दीपक अहिरवार, जीतेन्द्र कुमार यादव, शंकर प्रताप और राज सिंह बुन्देला शामिल हैं।गाइड जीतेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि झिन्ना बफर में पर्यटकों की संख्या बहुत कम रहती है, जिससे आय सीमित थी। रोस्टर एकीकरण से अब उन्हें भी मड़ला कोर क्षेत्र में समान अवसर मिल सकेगा। वहीं कुछ मड़ला गेट के गाइडों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है और वे अपने परिजनों को ही मड़ला में तैनात किए जाने की मांग कर रहे थे।गेट में पूर्व से कार्यरत गाइडों के द्वारा गेट पर अपना एकाधिकार मनाते हुए दूसरे गाइडों को रोका जाना और अपने ही परिवार के सदस्यों को गाइड भर्ती के लिए दबाव बनाना पूर्ण रूप से समानता के अधिकार का हनन है। जिन 10 गाइडों का विरोध किया जा रहा है उनका कहना है ज्यादतर मड़ला के गाइड सम्पन्न एवं समृद्ध है इनके द्वारा पर्यटन से प्राप्त आय से खुद की जिप्सी एवं होम स्टे भी संचालित किए जाते है जिसके आधार पर पर्यटकों से एक मोटी रकम की प्राप्ति कर पार्क की छवि को धूमिल किया जा रहा हे है। परन्तु स्थानीय जन प्रतिधियों द्वारा इस निर्णय का स्वागत किया गया है उनके द्वारा बताया गया कि सभी के हितों को सोचते हुए पार्क प्रबंधन का ये निर्णय सराहनीय है।पार्क प्रबंधन के अनुसार मड़ला और झिन्ना बफर गेट का रोस्टर एकीकृत कर कुल 59 गाइडों का संयुक्त संचालन किया जा रहा है। लेट नाइट सफारी के लिए महिला गाइडों को असुविधा से बचाने हेतु केवल 53 गाइडों का अलग रोस्टर बनाया गया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सभी गाइडों को समान रोजगार देना ही इस निर्णय का मूल उद्देश्य है।इनका कहनापार्क प्रबंधन द्वारा सभी के हितों को ध्यान में रख कर समान रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना पार्क प्रबंधन का दायित्व है। किसी भी गाइड के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है।मोहित सूद, डिप्टी डायरेक्टर, पन्ना टाइगर रिजर्व









