सटई में कुछ किसानों की पुश्तैनी जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा किए जाने और विरोध करने पर मारपीट तथा जान से मारने की धमकी मिलने का गंभीर मामला मंगलवार को जनसुनवाई में सामने आया है। उक्त मामले के पीडि़त पक्ष ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देकर संबंधित भूमि का सही सीमांकन कराने और आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
सटई निवासी परशू कुशवाहा ने बताया कि जिस भूमि को लेकर विवाद है, वह सटई-छतरपुर मुख्य सड़क के किनारे पर मौजूद है। पूर्वजों के समय से यहां कृषि कार्य किया जाता रहा। पूर्वजों के निधन के बाद विधिवत भूमि का नामांतरण भी कराया गया, लेकिन पिछले कुछ समय से खेती न होने के कारण भूमि खाली पड़ी थी, जिसका फायदा उठाकर गांव के कारेलाल, बालकिशन, नारायणदास, भागीरथ, रामप्यारे, छोटेलाल, अनारी, नत्थु, कन्छेदी सहित करीब दो दर्जन लोगों ने जमीन पर कब्जा कर लिया। गत 9 अगस्त को जब भू-स्वामियों ने कब्जे का विरोध किया, तो सभी आरोपियों ने एकजुट होकर लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी से मारपीट की। वहीं बालकिशन कुशवाहा ने अपनी लाइसेंसी बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पीडि़त हजारी, धनीराम, लच्छू, पूरनलाल, हिम्मत, शीराम, दयाराम और हेमराज कुशवाहा ने मांग की है कि भूमि का सही सीमांकन और तरमीम कराई जाए तथा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।










