
छतरपुर। मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्या. सिंहपुर के सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर सिंहपुर डेम पर मछली माफियाओं द्वारा अतिक्रमण किए जाने और समिति के अध्यक्ष द्वारा मनमानी किए जाने की शिकायत की है।समिति के सदस्यों ने बताया कि वे वर्ष 2016 से शासन द्वारा प्रदत्त 10 वर्ष की अवधि वाले पट्टे के तहत डेम में मछली पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं लेकिन पूर्व जिला मत्स्य संचालक देशराज पटेल की मिलीभगत से डेम में दो समितियों का गठन कर नियमों का उल्लंघन किया गया, जबकि एक जलाशय में केवल एक समिति का गठन ही मान्य होता है। सदस्यों का आरोप है कि समिति अध्यक्ष कालीचरन रैकवार द्वारा नियमों को ताक पर रखकर 150 सदस्यों की सूची बनाई गई, जिसमें 79 रैकवार व 71 अनुसूचित जाति के सदस्य शामिल हैं, जबकि नियमानुसार केवल वंशानुगत मछुआरों को ही सदस्य बनाया जा सकता है। साथ ही आरोप लगाया गया कि अध्यक्ष की मनमानी से अनुसूचित जाति के सदस्यों को मछली पकडऩे की छूट दी जा रही है और बाहरी मछली माफिया मणिकांत चौरसिया, शहीद खान, अली असन, वीरेन्द्र सिंह यादव, राजबहादुर सिंह यादव, अवध यादव, मोहन रैकवार आदि को मछलियां निकलवाने का मौका दिया जा रहा है। सदस्यों ने बताया कि विरोध करने पर अध्यक्ष द्वारा रैकवार समुदाय के सदस्यों को डराया-धमकाया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग आवेदन में की गई है।








