
छतरपुर। केन्द्र सरकार के कैंसर मुक्त भारत अभियान के तहत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिले की जानी-मानी पैथालॉजिस्ट डॉ.श्वेता गर्ग द्वारा ग्राम कटरा एवं धामची में कैंसर जागरूकता शिविर लगाया गया जिसमें साढ़े चार सौ लोगों की जांच की गई जिसमें तीन मरीजों में कैंस के लक्षण पाए गए इनमें दो मुंह के कैंसर एवं एक ब्रेस्ट कैंसर महिला रोगी पाई गई।शिविर में पधारे ग्रामवासियों एवं महिलाओं को संबोधित करते हुए डॉ. श्वेता गर्ग ने बताया कि 8 मार्च को हर वर्ष दुनिया में महिला दिवस मनाया जाता है जो महिलाओं के अधिकारों, सशक्तिकरण एवं उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण अवसर है। कैंसर की चर्चा करते हुए डॉ. श्वेता गर्ग ने बताया कि यह गंभीर बीमारी है जो ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को ज्यादा प्रभावित कर रही है इसकी मुख्य वजह जागरूकता की कमी, समय पर जांच न करवाना तथा इलाज में देरी है इसलिए वे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं तथा गांव-गांव में शिविर लगा रही हैं। ताकि महिलाएं समय रहते इस बीमारी से बचाव हेतु इलाज करवा सकें। इन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्तन, सवाईकल एवं मुंह के कैंसर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। स्वास्थ्य सेवाओं में कमी, सामाजिक एवं आर्थिक कारणों से महिलाएं इन बीमारियों के लक्षणों को नजर अंदाज कर देती हैं जो गंभीर रूप ले लेती हैं तब तक इलाज मुश्किल एवं महंगा हो जाता है।डॉ. श्वेता गर्ग ने लोगों को कैंसर के लक्षणों से अवगत कराते हुए बताया कि तंबाकू, शराब, गुटका का सेवन, अस्वस्थ्य जीवनशैली, साफ-सफाई की कमी, जेनेटिक, संतुलित आहार की कमी, समय पर जांच न कराना, स्तनों में गांठ, अनियमित माहवारी, पेशाब एवं मल त्याग में समस्या, शरीर के किसी भी हिस्से में पुराना घाव, तेजी से वजन घटना आदि कैंसर के लक्षण हैं।उन्होंने महिलाओं को आगाह करते हुए कहा कि महिला दिवस पर हम सबको इस गंभीर बीमारी से बचाव हेतु आगे आना होगा और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना होगा। कटरा एवं धामची के अलावा डॉ. श्वेता गर्ग गांधी आश्रम छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुईं जहां पर उन्होंने लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूकता लाने का आह्वान किया।







