
बेटी को बचाने मां ने कुएं में लगाई थी छलांग
बमीठा। थाना क्षेत्र के ग्राम झमटुली से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। दरअसल बीती शाम यहां 10 माह की अबोध बच्ची खेलते वक्त कुएं में गिर गई, जिसके बाद बच्ची की मां ने उसे बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। चूंकि मां को तैरना नहीं आता था, जिसके चलते बच्ची के साथ-साथ मां की भी डूबने के कारण मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को शाम को बाहर निकाल लिया था, जबकि मां के शव को एसडीईआरएफ टीम की मदद से मंगलवार को बाहर निकाला गया।प्राप्त जानकारी के मुताबिक झमटुली निवासी कमलेश प्रजापति की 26 वर्षीय पत्नी पूर्णिमा सोमवार को अपनी 10 माह की बच्ची माधुरी को साथ लेकर खेत की निंदाई करने गई थी। बच्ची खेत के किनारे खेल रही थी और मां खेत में निंदाई कर रही थी। खेलते-खेलते बच्ची पास के कुएं में गिर गई और जैसे ही पूर्णिमा ने बच्ची को कुएं में गिरते देखा तो उसने भी दौड़ते हुए कुएं में छलांग लगा दी। चूंकि पूर्णिमा को तैरना नहीं आता था इसलिए वह भी अपनी बेटी के साथ कुएं में डूब गई और दोनों मां-बेटी की मौत हो गई। कुछ समय बाद जब पूर्णिमा का पति कमलेश खेत पर पहुंचा तो उसे पत्नी और बेटी दिखाई नहीं दी। जब वह दोनों की तलाश कर रहा था तभी उसे पत्नी की चप्पलें कुएं में पड़ी दिखाई दी। कमलेश द्वारा शोर मचाए जाने पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची बमीठा पुलिस ने सोमवार की रात बच्ची के शव को बाहर निकाल लिया था लेकिन पूर्णिमा का शव रात को नहीं निकल सका था। मंगलवार की सुबह एसडीईआरएफ टीम के प्लाटून कमांडर संजय गौर अपनी टीम के अरुण राजपूत, पुरुषोत्तम तिवारी, राकेश पाल, परमलाल कुवादर और मोहन सिंह के साथ घटना स्थल पहुंचे और सर्च ऑपरेशन चलाकर पूर्णिमा के शव को बाहर निकाला गया। मंगलवार को एफएसएल टीम और नायब तहसीलदार बसारी भी घटना स्थल पर पहुंचे। बमीठा थाना प्रभारी मोहर सिंह सिकरवार ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजनगर भेजा है।









