
छतरपुर। मंगलवार को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम द्वारा चौपाटी के पास नजूल की जमीन पर स्थित करीब आधा दर्जन दुकानों को धराशायी कराया गया है, जिसके बाद दुकान मालिकों ने कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। दुकान मालिकों का कहना है कि उनके पास दुकान संबंधी समस्त दस्तावेज हैं और वे समय पर कर अदा करते हैं, बावजूद इसके उनकी दुकानों को अवैध बताकर तोड़ दिया गया है।चौपाटी के पास दुकान संचालित करने वाले मंगल सिंह ने बताया कि करीब 4 दशक पहले छतरपुर रियासत के महाराज भवानी सिंह द्वारा उनके दादा को यह दुकान प्रदान की गई थी, जिसके दस्तावेज उनके पास हैं। इसी तरह अन्य दुकानदार दौलत मंसूरी, तालिब मंसूरी ने भी अपनी दुकानों की दस्तावेज दिखाते हुए कार्रवाई को गलत बताया है। पीडि़त दुकानदारों ने जिला प्रशासन के विरुद्ध न्यायालय जाने की बात कही है। वहीं कार्रवाई के संबंध में एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि जिन दुकानों पर कार्रवाई की गई है, वे नजूल की जमीन पर स्थित थीं। उक्त दुकानों के विरुद्ध बेदखली आदेश पारित किया गया था, जिसका पालन करते हुए दुकानों को तोड़ा गया है। श्री राठौर ने बताया कि जिन दुकानों को तोड़ा गया है, उनके मालिकों के हित को ध्यान में रखकर प्रशासन द्वारा व्यवस्था कराई जाएगी।








