
खजुराहो। मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित आदिवर्त जनजातीय लोककला राज्य संग्रहालय खजुराहो में प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को नृत्य, नाट्य, गायन एवं वादन पर केन्द्रित समारोह देशज का आयोजन किया जाता रहा है। इसी क्रम में रविवार 15 दिसम्बर को परशुराम अवस्थी एवं उनके साथियों ने बुन्देली संस्कार गीतों की प्रस्तुति दी। अगली प्रस्तुति राजेश कुमार रैकवार एवं साथी अजयगढ़ द्वारा दीवारी नृत्य की प्रस्तुति दी, जबकि अंतिम प्रस्तुती कैलाश यादव एवं उनके साथियों द्वारा बुन्देली संस्कार गीतों की दी गई। समारोह में अगले सप्ताह 21 दिसम्बर को सर्वेश खरे एवं साथी छतरपुर द्वारा बुन्देली लोकगीत, नीरज राजपूत एवं साथी बड़ामलहरा द्वारा बुन्देली लोकगीत और सुरेश सेन एवं साथी चंद्रनगर द्वारा बुन्देली लोकगीतों की प्रस्तुति दी जायेगी। उल्लेखनीय है कि आदिवर्त संग्रहालय के स्थापना की दूसरा वर्षगांठ समारोह का आयोजन भी 29 से 31 दिसम्बर 2024 तक आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह जनजातीय और लोकनृत्य, शिल्प एवं व्यंजन पर आधारित समारोह संग्रहालय परिसर में आयोजित होगा, जिसमें देश के अलग- अलग भागो से प्रति दिवस लगभग 250 से अधिक कलाकारो की हिस्सेदारी होगी।







