
टीकमगढ़। प्रदीप खरे।प्रचार प्रसार के अभाव में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव फ्लाप शो साबित हुआ। स्कूली बच्चों की मौजूदगी ने किसी तरह कार्यक्रम की लाज बचाई। शासन और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम से जनता की दूरी के कारण आयोजन का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। इतना ही नहीं प्रदर्शनी का लाभ भी लेने से लोग वंचित रहे। मौजूद बच्चों ने भी प्रदर्शनी के बोर्ड में लिखे गीता उपदेश नहीं पढ़ पाए। इसका कारण बोर्ड को अधिक ऊपर लगा होना और अक्षर काफी छोटे होना बताया गया है। बताया गया है कि आयोजन के दौरान अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। यह आयोजन ऐसे लगा जैसे स्कूली बच्चों एवं चंद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए ही किया गया हो। बताया गया है कि बीते रोज स्थानीय नजरबाग प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अमित नुना, विवेक चतुर्वेदी, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अवधेश शर्मा के मुख्य आतिथ्य में दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भगवान श्री कृष्ण जी की मूर्ति का पूजन तथा माल्याणर्पण किया गया।
*जीवन जीने की कला सिखाती है गीता-अमित नुना*
कार्यक्रम में अमित नुना ने अपने संबोधन में श्रीमद् भागवत गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन की कठिनाइयों में श्रीमद् भागवत गीता व्यक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है, आपको राह दिखाती है। गीता बताती है कि जीवन कैसे जिया जाए, कैसे मोक्ष प्राप्त हो। कलेक्टर श्री शर्मा द्वारा गीता उपदेश के संबंध में जानकारी देते हुये, भगवान श्री कृष्ण के गीता ज्ञान के प्रमुख बिन्दुओं पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान राज्य स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन का सीधा प्रसारण देखा सुना गया। साथ ही कार्यक्रम में श्रीमद् भागवत गीता पर आधारित एक चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में पधारे संतों तथा इस्कॉन मंदिर सदस्यों द्वारा अतिथियों के साथ जिले की प्रगति तथा जिलेवासियों की सुख-समृद्धि के लिये हवन भी किया गया।
निर्धारित समय पर नहीं हो सका आयोजन- नजरबाग मैदान पर आयोजित हुए महोत्सव के फ्लाप होने का एक कारण निर्धारित समय पर न होना भी बताया गया है। दोपहर दो बजे यहां कुर्सियां आदि लगाई जाती रहीं। मंच पर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने कहा कि सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो सका। कार्यक्रम बेहतर होने के बाद भी जनता से दूर रहा। यदि पोस्टर बैनर लगाकर प्रचार किया गया होता, तो निश्चित ही यह एक बेहतर आयोजन साबित होता। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, एसडीएम टीकमगढ़ संजय कुमार दुबे सहित संबंधित अधिकारी, गणमान्यजन, इस्कॉन मंदिर सदस्य तथा छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।







