
हरि झंडी दिखाकर टीबी मुक्त भारत जागरूकता वाहन को रवाना किया
छतरपुर। प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने शनिवार को छतरपुर शहर के ऑडिटोरियम में जिले में चलने वाले 100 दिवसीय निक्षय शिविर का दीपप्रज्वलन कर शुभारंभ किया। साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री, जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता, डीपीएम राजेंद्र खरे, सिविल सर्जन डॉ. जी.एल. अहिरवार, जिला क्षय अधिकारी डॉ. रविन्द्र पटेल सहित अन्य डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता एएनएम, एनएमटीसी की छात्राएं और टीवी चैंपियन उपस्थित रहे।इस दौरान अतिथियों द्वारा टीबी चैंपियन को मोमेंटो से सम्मानित किया गया। साथ ही 5 टीबी पेशेंट को फूड बास्केट भेंट किए। टीवी चैंपियन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें कैसे टीबी हुई, उपचार कैसे मिला और कैसे टीबी को हराकर टीबी चैंपियन बने। राज्यमंत्री श्री अहिरवार ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीबी मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। जिसे हम सभी को पूरा करना है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में 100 दिवस तक निक्षय शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसका आज से शुभारंभ हुआ। इस अभियान में एक भी व्यक्ति जिसमें टीबी जैसे लक्षण है। जांच से वंचित न रहे। जिसके लिए स्वास्थ्य अमले द्वारा घर घर जाकर भी परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा इस अभियान में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। 100 दिवस तक गांव और वार्डों में टीबी मरीजों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा अगर एक भी मरीज छूट गया तो पूरा अभियान बेकार हो जायेगा। राज्यमंत्री ने कहा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केंद्र एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार निरंतर चिंतित है। उन्होंने कहा जिले को टीबी मुक्त बनाना है। हर एक मरीज को टीबी का बेहतर उपचार मिले। राज्यमंत्री श्री अहिरवार द्वारा सभी को टीबी उन्मूलन, जागरूकता बढ़ाने और उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं देने प्रतिबद्धता की शपथ दिलाई।टीबी लक्षणों की जागरूकता और मरीज के पोषण पर ध्यान दें : सीईओजिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार ने कहा कि हमारे जिले को 2025 तक टीबी मुक्त होना है। उन्होंने कहा यह 100 दिवसीय अभियान को साधारण ना लें। अपने आसपास के जितने भी लोग हैं सबका परीक्षण करें। इस कार्य में सभी का सहयोग होना जरूरी है। उन्होंने कहा टीबी लक्षणों के प्रति जागरूकता, मरीज के पोषण और उसमें आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए काम करें। इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं संगठनों और आमजनों को जोड़े। साथ ही बीमारी के बारे में सभी को जागरूक करें और समय से उपचार दिलाए। उन्होंने कहा अभियान की गंभीर को समझते हुए 100 दिवस पूरी ऊर्जा के साथ काम करें। तभी हम अभियान की सफलता निर्धारित कर पाएंगे।







