
महिलाओं की स्थिति सुधारने में आई ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
छतरपुर। मंगलवार को स्थानीय शासकीय कन्या महाविद्यालय के गार्गी भवन में पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर के ऊपर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रांत महाविद्यालय कार्य प्रमुख महाकौशल राजेश शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती शशि प्रभा परिहार थी।मुख्य अतिथि शशि प्रभा परिहार ने पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होलकर के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। श्रीमती परिहार ने अहिल्याबाई होलकर के सहज सरल व्यक्तित्व और उनके महिलाओं की स्थिति में सुधार करने वाले कार्य एवं उनके द्वारा समाज सुधार के रूप में किए गए कार्यों के कारण ही उन्हें देवी के नाम से जानते थे। श्रीमती परिहार ने कहा कि इंदौर की जनता उन्हें मातोश्री और आई के नाम से जानती थी। मुख्य वक्ता राजेश शर्मा ने अहिल्याबाई होलकर के जीवन चरित्र के अनुसरण पर बोलते हुए कहा कि भारत में लगातार वैचारिक आक्रमण हो रहे हैं हम देश की महिलाओं की स्थिति पश्चिमी मीडिया से जानते हैं जबकि भारत प्राचीन काल से ही मातृ सत्तात्मक सत्ता का केंद्र रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि पुण्य श्लोक का मतलब ऊंचा व्यक्तित्व तथा चरित्र का धनी व्यक्ति। श्री शर्मा ने छात्राओं और मातृ शक्तियों का आवाहन करते हुए कहा कि हमें अहिल्याबाई होल्कर की तरह ताकतवर बनना है अबला नहीं। अहिल्याबाई होल्कर ने सशस्त्र वाहिनी तैयार करके 500 बहनों की सेना तैयार की थी अहिल्याबाई होल्कर ने 28 वर्ष के शासनकाल में तीन लड़ाइयां लड़ी और जीती। श्री शर्मा ने कहा कि आज जब हम पश्चिमी संस्कृति से एक वैचारिक युद्ध जीवन शैली और संस्कृति के ऊपर लड़ रहे हैं ऐसे में हमारे समाज और परिवार ऐसे महान व्यक्तित्व के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर समाज में कार्य करना चाहिए, कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के द्वारा हुआ।







