
दो दिन के पैसे देकर दस दिन ले रहे काम
छतरपुर। आकाशवाणी छतरपुर में कई महीनों से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा था लेकिन आज इन कर्मचारियों का आक्रोश जाग उठा और उन्होंने इस शोषण का विरोध करते हुए केंद्र निदेशक शंभूदयाल अहिरवार को एक ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है।दरअसल आकाशवाणी छतरपुर में जब से शंभूदयाल अहिरवार ने पदभार संभाला है तब से लगातार अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। ताज़ा मामला प्रसारण सहायकों से जुड़ा हुआ है जिसमें उनसे 10 दिन का काम लेकर मात्र दो दिनों का मानदेय दिया जा रहा है। आकस्मिक कर्मचारी होने की वजह से ये कर्मचारी निकाल दिए जाने के डर से अब तक चुप थे लेकिन अब उन्होंने इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर दी है।इस मामले में शंभूदयाल अहिरवार केंद्र निदेशक का कहना है कि आकाशवाणी में बजट का अभाव है लेकिन दूसरी तरफ इन पदों पर नई भर्तियां भी लगातार की जा रही हैं। चूंकि इन भर्तियों की कोई लिमिट नहीं है इसलिए अपने चाहने वालों को भर्ती किया जा रहा है। एक ब्रॉडकास्ट एसिस्टेंस ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भर्ती के नाम पर उनसे रुपए भी ऐंठे गए हैं। ज्ञापन देने गए अंकिता, रमा, रघुवीर, धीरेंद्र आदि ने बताया कि अपनी बात कहने पर केंद्र निदेशक भड़क गए और धमकाते हुए हम लोगों को भी बाहर करने की चेतावनी दे डाली। उनका कहना था कि बजट के अभाव में आकाशवाणी बंद भी हो जायेगी या फिर वे खुद बंद करवा देंगे। वहीं उनके कुछ खास लोगों ने इस अन्याय पर भी केंद्र निदेशक का ही पक्ष लिया।कलाकारों की भर्ती में भी लेन-देन की शिकायतबताया जा रहा है कि हाल ही में लोक संगीत के कलाकारों के थोक में ऑडिशन हुए हैं और जिन्होंने केंद्र निदेशक को उपकृत कर दिया उसका सिलेक्शन हो गया है फिर चाहे वह कलाकार कितना भी बेसुरा क्यों न हो।घर और ऑफिस में बैठकर रिकॉर्डिंग करके बनाते हैं कार्यक्रमआकाशवाणी के केंद्र निदेशक शंभूदयाल अहिरवार उद्घोषक और कंपीयर्स को ज्ञान देकर बेहतर कार्यक्रम बनाने को कहते हैं लेकिन खुद स्टूडियो की बजाय अपने कमरे में बैठकर कार्यक्रम रिकॉर्ड करते हैं जिसमें बाहर से बस और ट्रकों के हॉर्न भी सुनाई देते हैं लेकिन इस खराब गुणवत्ता के कार्यक्रम प्रसारित करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती है।









