
विद्यालय प्रबंधन पर उठे सवाल, शिक्षक बच्चों पर नहीं देते ध्यान
छतरपुर। ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम हतना के शासकीय विद्यालय में पढऩे वाला एक छात्र मंगलवार को स्कूल में अपना बैग रखने के बाद गांव के पास से निकली नहर में नहाने गया और नहाते वक्त नहर में डूबने से उसकी मौत हो गई। स्कूल के कुछ अन्य बच्चों ने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने बच्चे को खोजा और अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लेकर आए जहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।हतना निवासी बच्ची लाल अहिरवार ने बताया कि उसका 9 वर्षीय नाती महिपाल पुत्र मंगलदीन अहिरवार गांव के शासकीय विद्यालय में पढ़ता था। मंगलवार को वह रोज की तरह स्कूल गया था। बच्ची लाल ने बताया कि लंच के समय दोपहर 1 बजे महिपाल हर रोज घर पर आता था लेकिन आज जब नहीं आया तो परिजनों को चिंता हुई। इसी बीच स्कूल के कुछ बच्चे महिपाल के कपड़े लेकर घर पहुंचे और बताया कि महिपाल नहर में डूब गया है। जानकारी मिलते ही परिजन नहर की ओर भागे तथा जिस स्थान पर महिपाल डूबा था उसके आसपास तलाश की। कुछ दूरी पर महिपाल अचेत अवस्था में परिजनों को मिला, जिसके बाद परिजन आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के मामा राकेश अहिरवार ने बताया कि महिपाल के माता-पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं और वह गांव में अपने दादा-दादी के साथ रहता था। उसके तीन अन्य भाई-बहन हैं जो माता-पिता के साथ दिल्ली में रहते हैं। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि बच्चा स्कूल के समय में स्कूल से बाहर गया और विद्यालय के शिक्षकों ने उस पर ध्यान नहीं दिया।







