
युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और ग्रंथों से जोडऩे का अनूठा प्रयास
छतरपुर। आधुनिक युग में युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और ग्रंथों से दूर होते जा रही है, ऐसे में सामाजिक संगठन प्रताप नवयुवक संघ पर्यावरण वाहिनी द्वारा बच्चों को सनातन धर्म और ग्रंथों से जोडऩे का प्रयास किया गया है। दरअसल संघ के द्वारा शहर के एक सैकड़ा बच्चों को एक महीने तक गीता का अध्ययन कराकर रविवार को उनकी परीक्षा कराई गई है। परिणाम आने के बाद परीक्षा में अव्वल आने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।प्रताप नवयुवक संघ पर्यावरण वाहिनी के प्रदीप सेन ने बताया कि आने वाली पीढ़ी को धर्म से जोडऩे के लिए इस्कॉन मंदिर के सहयोग से यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि एक माह पूर्व बच्चों को श्रीमद्भागवत गीता की पुस्तकों का वितरण किया गया था। जिसके बाद एक माह तक बच्चों ने श्रीमद्भागवत गीता का गहन अध्ययन किया। रविवार को राजमहल परिसर में संचालित श्रीमती रेखा सिंह चौहान के निजी विद्यालय में उक्त बच्चों की परीक्षा कराई गई है। जो बच्चे इस परीक्षा में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आएंगे उन्हें पुरस्कार दिए जाएंगे इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रताप नवयुवक संघ पर्यावरण वाहिनी संघ द्वारा की गई इस पहल की युवा प्रांजल शुक्ला, भरत तिवारी, बार संघ के अध्यक्ष विनोद दीक्षित, अभिषेक खरे आदि ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस पहल से बच्चे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुसार भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और ग्रंथों से जुड़ेंगे और भारत की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत भी सीखेंगे।









