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फायरेलिया उन्मूलन कार्यक्रम हेतु प्रशिक्षण संपन्न

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Jeevan Ayurveda

छतरपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के 02 विकासखण्ड ईशानगर एवं राजनगर की मेडीकल टीम को मलेरिया अधिकारी डॉ गौरव खरे एवं भोपाल के पवन मैहरा कंसलटेन्ट फायलेरिया द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। 18 जनवरी को ब्लॉक बड़ामलहरा, बक्स्वाहा, जिला चिकित्सालय के मेडीकल व पैरामेडीकल स्टॉफ को फायलेरिया कार्यक्रम आईडीए की विस्तृत जानकारी दी जीएगी। इस वर्ष शहरी क्षेत्र छतरपुर एवं बिजावर को छोड़कर शेष ब्लॉकों में दवा का सेवन कराया जायेगा। उक्त जानकारी जिला मलेरिया अधिकारी द्वारा दी गई। कैसे और कितनी मात्रा में करें सेवनछतरपुर जिले में 2 वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी एवं एलबेन्डाजोल की 1-1 गोली, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 2 गोली तथा एलबेन्डाजोल की 1 गोली व 15 से या इससे अधिक वर्ष के लोगों को डीईसी की 3 एवं एलबेन्डाजोल की 1 गोली इस अभियान में खिलाई जाना है। एलबेन्डाजोल गोली कीटाणुनाशक है इसे चबाचबा कर खाना है। इस गोली का सेवन 0 से 2, गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों, गर्भवती माताओं को नहीं करना है।आइवरमेक्टिन गोली की ऊंचाई के अनुसार कैसे करें सेवन90-119 से.मी. लम्बाई के व्यक्ति को पीले रंग की 1 गोली, 120-140 से.मी. वाले को नीले रंग की 2 गोली, 141-158 से.मी. वाले को हरे रंग की 3 गोली तथा 158 से.मी. लम्बाई के ऊपर के व्यक्ति को बैगनी रंग की 4 गोलियों का सेवन खाना खाने के पश्चात् ही करना है। एमडीए के दौरान पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आइवरमेक्टिन गोली का सेवन नहीं करना है।हाथी पांव बीमारी (लिम्फएडिय़ा) को कैसे पहचानेआपके घर के आसपास अथवा ग्राम में किसी व्यक्ति के हाथ, पैर अथवा शरीर के अन्य भाग में सूजन का होना, पुरूष के अण्डकोष में सूजन का होना, शरीर के सूजन वाले हिस्से में बार-बार लालपन का होना, दर्द होकर बुखार आना तथा व्यक्ति की जांघो अथवा बगल की लिम्फ ग्रंथियों में सूजन का होना हाथी पांव बीमारी के लक्षण में आते हैं। बचाव एवं सावधानियांफाइलेरिया मच्छरों के काटने से होता है और मच्छर गंदगी में पैदा होते हैं। इसलिए इस रोग से बचना है तो आसपास स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। दूषित पानी, कूड़ा जमने ना दें, जमे पानी पर कैरोसीन का छिड़काव करना, सोने के समय मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें।

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