
सिर्फ कुछ इलाकों में हुआ है बारिश से नुकसान, किया जा रहा सर्वे
छतरपुर। दो दिन पहले पूरे जिले में हुई जोरदार बारिश के बाद भी बारिश का आंकड़ा जिले की औसत बारिश तक नहीं पहुंचा है। जिले की धसान, केन नदी सहित अन्य नदियों के किनारे बसे गांव और खेतों को छोड़ दें तो कहीं भी बारिश से नुकसान नहीं हुआ है। जो तीन दर्जन गांव बारिश से प्रभावित हुए हैं वहां प्रशासन द्वारा नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है, जिसके बाद किसानों को राहत राशि मिलेगी।
भू-अभिलेख कार्यालय के अधीक्षक आदित्य सोनकिया ने बताया कि इस वर्ष में अभी तक पूरे जिले में 910 मिमी (मिलीमीटर) बारिश हुई है, जबकि जिले की औसत बारिश 1075 मिमी है, इसके सापेक्ष अभी छतरपुर जिले में औसत बारिश नहीं हुई है। हालांकि गत वर्ष आज के दिन तक यह आंकड़ा 719 मिमी था, इसलिए यह कहा जा सकता है कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बारिश हो चुकी है। श्री सोनकिया ने बताया कि जिले में अभी अतिवृष्टि की स्थिति नहीं है। जिले के बकस्वाहा और बड़ामलहरा क्षेत्र सहित कुल 38 ऐसे गांव हैं जहां पिछले दिनों हुई में बारिश के बाद नदियों का पानी खेतों और घरों में भर गया है। उक्त स्थानों पर हुए नुकसान का सर्वे कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में किया जा रहा है। सर्वे के बाद आरबीसी 6-4 के तहत निर्धारित राहत राशि पीड़ितों को दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि घुवारा तहसील क्षेत्र के ग्राम दलीपुर के खेतों के पास से निकली बीला नदी के उफान पर आने के कारण पानी खेतों में भर गया जिससे किसानों की सोयाबीन, उड़द, तिल की फसलें नष्ट हो गई हैं। इसी तरह जिले की केन, धसान, उर्मिल सहित अन्य नदी-नालों के किनारे बसे तीन दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की फसलें खराब हुई हैं।








