
खजुराहो। नगर में मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से तीन दिवसीय श्री रामचरित लीला समारोह का प्रथम मंचन सम्पन्न हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने निशादराज लीला एवं केवट प्रसंग का आनन्द उठाया। कार्यक्रम के शुभांरभ में राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया,कलेक्टर संदीप जीआर, एसपी अमित सांघी, एसडीएम प्रखर सिंह, खजुराहो नगर परिषद अध्यक्ष अरूण अवस्थी, खजुराहो नगर परिषद सीएमओ बसंत चतुर्वेदी, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीराम कुशवाहा, जनपद उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र अवस्थी, पुष्पेंद्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष गौरव सिंह बघेल उपस्थित रहे। मंच संचालन शैलेश सिंह द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम की प्रस्तुति टीकमगढ़ से पधारे संदीप श्रीवास्तव एवं साथियों द्वारा दी गई। नाट्य लीला में बताया कि भगवान राम ने वन यात्रा में निषादराज से भेंट की। भगवान राम से निषाद अपने राज्य जाने के लिए कहते हैं लेकिन भगवान राम वनवास में 14 वर्ष बिताने की बात कहकर राज्य जाने से मना कर देते हैं। आगे के दृश्य गंगा तट पर भगवान राम केवट से गंगा पार पहुंचाने का आग्रह करते हैं लेकिन केवट बिना पांव पखारे उन्हें नाव पर बैठाने से इंकार कर देता है। केवट की प्रेम वाणी सुन, आज्ञा पाकर गंगाजल से केवट पांव पखारते हैं। नदी पार उतारने पर केवट राम से उतराई लेने से इंकार कर देते हैं। कहते हैं कि हे प्रभु हम एक जात के हैं मैं गंगा पार कराता हूं और आप भवसागर से पार कराते हैं इसलिए उतरवाई नहीं लूंगा। लीला के अगले दृश्यों में भगवान राम चित्रकूट होते हुए पंचवटी पहुंचते हैं। सूत्रधार के माध्यम से कथा आगे बढ़ती है। रावण वध के बाद श्री राम अयोध्या लौटते हैं और उनका राज्याभिषेक होता है। लीला नाट्य में श्रीराम और वनवासियों के परस्पर सम्बन्ध को उजागर किया गया। मंचन मुक्तकाशी मंच से गोल मार्केट में जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों का अभिनंदन नगर पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ पप्पू अवस्थी एवं खजुराहो मण्डल अध्यक्ष गौरव सिंह बघेल द्वारा किया गया।








