छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले अंतर्गत हरपालपुर कस्बे में अवैध रूप से संचालित पान मसाला गोदाम के मामले में प्रशासन और पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा विभाग की लिखित शिकायत पर हरपालपुर थाना पुलिस ने गोदाम संचालक अवधेश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
जांच के दौरान खुलासा हुआ था कि पान मसाले में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक और सरकार द्वारा प्रतिबंधित मैग्नीशियम कार्बोनेट का उपयोग किया जा रहा था। साथ ही, बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़े पैमाने पर निर्माण व भंडारण भी किया जा रहा था।
एसडीएम की छापेमारी में सील हुआ था गोदाम
पूरा मामला 14 अक्टूबर का है, जब छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशों पर एसडीएम नौगांव के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल ने हरपालपुर के सरसेड़ रोड (वार्ड क्रमांक-1) स्थित संदिग्ध गोदाम पर आकस्मिक दबिश दी थी। जांच में बिना वैध खाद्य लाइसेंस और वैधानिक अनुमति के पान मसाले का निर्माण व पैकेजिंग पाए जाने पर प्रशासनिक टीम ने गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया था।
भारी मात्रा में तैयार माल और पैकेजिंग सामग्री जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारी वंदना जैन के अनुसार, मौके से लहर सुप्रीम पान मसाला के 100 पैकेट, सर्कस पान मसाला के 50 पैकेट, पहेली क्लासिक सुपर ब्लेंडेड प्रीमियम पान मसाला के 25 पैकेट, खुले मसाले की 55 बोरियां और पैकेजिंग सामग्री के 250 बंडल जब्त किए गए थे। इन सभी नमूनों को सील कर जांच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है।
स्वीकार की प्रतिबंधित केमिकल की मिलावट
पूछताछ के दौरान 45 वर्षीय संचालक अवधेश यादव (निवासी ग्राम गुडो, थाना हरपालपुर) ने पान मसाले में सुपारी, चूना और इलायची के साथ प्रतिबंधित मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाने की बात स्वीकार की। खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत यह केमिकल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बाद 22 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी के लिखित प्रतिवेदन पर हरपालपुर पुलिस ने आरोपी संचालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 271, 274, 275 एवं 318(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
कैडी और धमोरा में पहले ही भनक लगते ही भागे माफिया
दूसरी ओर, छतरपुर शहर से सटे कैडी और धमोरा में संचालित अवैध गोदामों पर खाद्य और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम की कार्रवाई से पहले ही माफियाओं को सूचना मिल गई। संचालक सामने का शटर बंद कर पीछे के दरवाजे से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि इन स्थानों पर शटर बंद रखकर गोपनीय तरीके से बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चलाया जा रहा है।










