छतरपुर। मध्य प्रदेश में बसों के बढ़े हुए किराए ने ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति यह है कि आर्थिक तंगी के चलते कई छात्र अपनी पढ़ाई छोडऩे को मजबूर हो रहे हैं। इसी समस्या के विरोध में बुंदेलखंड छात्र संगठन के बैनर तले छात्रों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर किराया पुरानी दरों पर वापस लाने की गुहार लगाई है। संगठन ने उक्त ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है।
संगठन के अध्यक्ष सत्येन्द्र शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अधिकांश छात्र किसान या मजदूरों के बेटे हैं। दिनभर मजदूरी करने पर करीब 350 से 400 रुपये की कमाई होती है, जिससे घर का खर्च चलाना ही मुश्किल होता है। ऐसे में पहले जहाँ बसों का किराया 50 रुपये लगता था, वह अब बढ़कर दोगुना यानी 90 से 100 रुपये तक पहुँच गया है। दो बच्चों के आने-जाने में ही 200 रुपये खर्च होने से परिवारों का बजट पूरी तरह चरमरा गया है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही किराया कम नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन और धरना देने के लिए विवश होंगे।










