छतरपुर। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीआईजी विजय कुमार खत्री, कलेक्टर मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा सहित अन्य अधिकारियों एवं समाजसेवियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद पुलिस जवानों को नमन किया। पुलिस बल ने शस्त्र झुकाकर सलामी दी और दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों के बलिदान को याद किया। इस दौरान एसपी रजत सकलेचा ने कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए देशभर के 198 पुलिस जवानों के नामों का वाचन किया, जिनमें मध्यप्रदेश के नौ जवान शामिल थे। सत्य शोधन आश्रम के बच्चों ने देशभक्ति के नारों से परिसर को गुंजायमान कर दिया। छतरपुर सिविल सोसायटी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सेना से मुकाबला करते हुए सीआरपीएफ के 10 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
प्रमुख रूप से रहे उपस्थित: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले, समाजसेवी शंकरलाल सोनी, छतरपुर सिविल सोसायटी के संयोजक पंकज जैन, प्रो. सुरेंद्र सिन्हा, इंजीनियर जेपी भट्ट, बीपी सिंह, आशाराम बर्दानी, दिल्लाराम अहिरवार, आरपी कुरील, अनिल दीक्षित, मिजाजी लाल, रामजी अग्रवाल, सत्य शोधन आश्रम प्रभारी देवेंद्र भंडारी, कवि अवनीन्द्र खरे, दीपक गुप्ता, अर्जुन सिंह, कर्मयोगी संतोष गंगेले, पूर्व सैनिक एसके गंगेले, बीके त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने किया।










