छतरपुर। छतरपुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था एक बार फिर विवादों में आ गई है। ई-रिक्शा चालकों ने पार्किंग ठेकेदार से जुड़े लोगों पर जबरन पार्किंग शुल्क वसूलने, मारपीट करने और एक ई-रिक्शा को जबरन रोकने का आरोप लगाया है। घटना के बाद बड़ी संख्या में चालक सिविल लाइन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीडि़त ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि वे रेलवे स्टेशन परिसर के अंदर प्रवेश नहीं किए थे, इसके बावजूद उनसे पार्किंग शुल्क मांगा गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर पार्किंग ठेकेदार के लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट कर दी। चालकों का आरोप है कि बिना किसी वैध आधार के उनसे पैसे वसूलने का प्रयास किया गया तथा एक ई-रिक्शा को जबरन रोक लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक सिविल लाइन थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपित पक्ष के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी पार्किंग ठेकेदार और उसके कर्मचारियों पर यात्रियों एवं वाहन चालकों के साथ अभद्र व्यवहार, विवाद और जबरन वसूली जैसे आरोप लगते रहे हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन और रेलवे से मांग की है कि स्टेशन परिसर की पार्किंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए तथा घटना में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









