छतरपुर। जिला मुख्यालय पर आयोजित मंगलवार की जनसुनवाई में एक बार फिर सरकारी तंत्र की कछुआ चाल का नमूना सामने आया। एक पीडि़त महिला अपने पति की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद मिलने वाली अनुग्रह राशि के लिए पिछले तीन वर्षों से दफ्तरों के चक्कर काट रही है।चंदला निवासी पीडि़ता भूरी अहिरवार ने बताया कि उसके पति राजू अहिरवार की 13 नवंबर 2022 को काम पर जाते समय एक भीषण सड़क हादसे में जान चली गई थी। पीडि़ता के अनुसार, हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल राजू को पहले जिला अस्पताल छतरपुर और फिर ग्वालियर रेफर किया गया था, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद पीडि़ता ने शासन की कल्याणकारी योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने हेतु नगर परिषद चंदला में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। लेकिन विडंबना यह है कि आज तक उसे फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। पति की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे जल्द से जल्द अनुग्रह राशि दिलाई जाए।










