खजुराहो। मोदी सरकार चाहे जितने प्रयास विकाश योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास कर रही हो,लेकिन इन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों की जगह भ्रष्टाचारियों को ज्यादा हो रहा है। बात विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो के चंदेलकालीन चतुर्भुज मंदिर जटकरा से आदिवासी ग्राम कुंदरपुरा के बीच प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपए की राशि से 5 वर्ष की गारंटी वाला डामरीकरण करके बनाया गया सड़क निर्माण 2 वर्ष भी नहीं चल सका और मार्ग के जगह जगह से चीथड़े उड़ गए,ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के कुछ समय बाद से ही मार्ग जर्जर होना शुरू हो गया था। उक्त सड़क महज दो साल के भीतर ही अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। पांच साल की गारंटी वाली यह सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, जिससे ग्रामीण और पर्यटक राहगीरों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि आज यह मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है।ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं, लेकिन खराब हालत के कारण आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है। खासकर रात के समय यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है, जहां गहरे गड्ढों में वाहन फंस जाते हैं और दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है।ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क निर्माण में हुई लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए,ताकि आम जनता को राहत मिल सके।पहले ये सड़क मंडी में थी कुछ समय पूर्व हमारे विभाग के पास आई थी जिस पर हमने लगभग एक-दो साल पहले डामरीकरण करवाया था। वर्तमान में रेलवे का काम शुरू हुआ है भारी वाहन गिट्टी, मुरम लेकर निकलते हैं, जिससे ये सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। हमने कलेक्टर को जानकारी देकर रेलवे विभाग को पत्र लिखा है उन्होंने ठेकेदार को निर्देशित किया है, अभी कार्यवाही का इंतजार है।-राजीव पाठक, सब इंजीनियर, ब्लॉक राजनगर एमपीआरआरडीए










