छतरपुर। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वधान में स्थानीय ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहे विरासत कला उत्सव की पांचवी शाम देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोकनृत्यों के नाम रही। कार्यक्रम का शुभारंभ भा.ज.पा.किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बॉबी राजा बुंदेला, भारतीय जनता पार्टी जिला उपाध्यक्ष अशोक दुबे, बुंदेलखंड के प्रसिद्ध सर्जन डॉ. एम.पी.एन. खरे, पार्षद मंजू भार्गव, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ. बहादुर सिंह परमार,पूर्व प्राध्यापक डॉ.सुमति प्रकाश जैन, समाजसेवी लालचंद लालवानी, अरविंद गिरी गोस्वामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों के स्वागत के पश्चात सचिन वर्मा के निर्देशन में देहरादून उत्तराखंड की टीम ने हारुल एवं दांती लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। राजस्थान के कलाकारों के दल ने रूप सिंह के निर्देशन में प्रसिद्ध घूमर एवं चकरी नृत्य प्रस्तुत किए। डॉ. विजय चौरसिया के निर्देशन में गाड़ासरई डिंडोरी के कलाकारों ने गेंड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी। लिखीराम धुर्वे के निर्देशन में अनूपपुर के कलाकारों ने गुदुम बाजा नृत्य प्रस्तुत किया।यह नृत्य बिना किसी गायन के सिर्फ वाद्य यंत्रों पर आधारित था।लगभग 15 कलाकारों की टीम ने अपनी कमर पर गुदुम्ब जो छोटे नगाड़े के स्वरूप का होता है, उसके साथ लयबद्ध तरीके से और पिरामिड बनाकर ऊर्जा से भरपूर नृत्य प्रस्तुत किया।दर्शकों ने टीम का अभिवादन खड़े होकर जोरदार तालियों के साथ किया। रवि अहिरवार के निर्देशन में कलाकारों ने बुंदेलखंड का प्रसिद्ध बधाई नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों की ऊर्जा और उत्साह को देखकर सभागार में उपस्थित दर्शक भी झूमते हुए दिखाई दिए। प्रत्येक नृत्य के साथ सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता रहा। अंत में सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कार्यक्रम को जड़ों की ओर लौटने एवं विरासत बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सभी अतिथि प्रस्तुतियों को देखकर अभिभूत नजर आए। कार्यक्रम का सफल संचालन नीरज खरे द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर हिमानी रावत ने किया।आज समापन पर होगा भव्य नाटक नागमंडल का मंचनविरासत कला उत्सव का समापन चंडीगढ़ से आई सात्विक आट्र्स की टीम के द्वारा प्रसिद्ध फिल्म कलाकार और नाट्य लेखक गिरीश कर्नाड द्वारा लिखित नाटक नागमंडल से होगा। लगभग 25 कलाकारों की टीम से सजा यह नाटक समापन दिवस को नई ऊंचाईयां प्रदान करके और दर्शकों को एक अलग अनुभव देगा।










