छतरपुर। शायद ही कोई इस संसार में ऐसा व्यक्ति होगा जिसे लक्ष्मी की चाह नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति सांसारिक जीवन जी रहा है तो वह लक्ष्मी की कामना अवश्य करता है। हालांकि संत, महात्मा माया से परे होते हैं लेकिन गृहस्थ जीवन और विलासिता के जीवन की कामना करने वाला देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश को प्रसन्न करने का भरसक प्रयास करता है। धन की देवी लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा अर्चना कर दीपावली में उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास किया गया। लोगों ने अपने घरों की सफाई करते हुए आधुनिक बल्बों से अपने घर को रोशन किया। दीपावली में पटाखे छोड़ने का भी चलन है। देर रात तक पटाखों से आसमान जगमगाता रहा।







