
टीकमगढ़। जिले में एक निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकार के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले वरिष्ठ पत्रकार यशोवद्र्धन नायक के आकस्मिक निधन से पत्रकार जगत को गहरा आघात लगा है। श्री नायक लगभग 57 वर्ष के थे। श्री नायक को पिछले 5 दिन पहले ह्रदयघात हुआ था। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल से झांसी रेफर किया गया था। वहां बुंदेलखंड मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल में उनके हार्ट में स्टेंड डाला गया था। लेकिन एक दिन बाद ही ब्लड प्रेशर लो एवं शुगर हाई हो जाने से उनकी स्थिति बिगडऩे लगी। उसके बाद स्थिति कंट्रोल हो गई थी, आज दोपहर 4 बजे के आसपास उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर झांसी से टीकमगढ़ लाया गया। बताया गया है कि श्री नायक का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। श्री नायक के निधन पर पत्रकारों में शोक छा गया है। कहा जा रहा है कि पत्रकारिता कार्स करने वाले वह जिले के एक मात्र पत्रकार थे। उनकी भाषा शैली एवं योग्यता लाजवाब थी। उन्होंने जहां निजी समाचार पत्र का संपादन किया, वहीं नवभारत सहित अनेक समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दीं। यशोवद्र्धन नायक पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण के लिए हमेशा खड़े रहे। वह एक जुझारू और ईमानदार पत्रकारों में से एक थे। उनके निधन से नगर के समाजसेवियों एवं पत्रकारों में शोक छा गया है। वह अपने पीछे भरापूरा परिवार बिलखता छोड़ गए हैं। पत्रकार यशोवद्र्धन नायक एक समीक्षक, विचारक एवं चिंतक भी रहे। शहर की बुनियादी समस्याओं और अपराधों को लेकर वह हमेशा चिंतित रहा करते थे। भ्रष्टाचार और अन्याय का विरोध करने में वह कभी पीछे नहीं रहे। श्री नायक के निधन पर शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि व्यक्त करने वालों में पूर्व विधायक अजय यादव, राजेन्द्र तिवारी, शीलचंद जैन, महेश रजक, आशुतोष रावत, राजेन्द्र गुप्ता, प्रदीप खरे पत्रकार, श्रीपाल नायक, अनिल बढक़ुल, संजीव बढक़ुल, मेहबूब खान, मुनीर खान, शिखर जैन, आमिर खान, जितेन्द्र सौनकिया, रत्नेश पांडेय, परशुराम प्रभाकर, भवन जैन, अभय मोर्य सहित अनेक पत्रकारों के नाम शामिल हैं।








