
टीकमगढ़। सरकारी भूमि पर दबंगों की गिद्ध दृष्टि लंबे समय से लगी हुई है। इतना ही नहीं लंबे समय से यहां कई इलाकों में वन भूमि पर आवास एवं कृषि के कारण सरकारी भूमि खुर्द-बुर्द की जाती रही है। इन दिनों जतारा क्षेत्र में जिस तरह से ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। उसको लेकर अतिक्रमण कारियों में खलबली मची हुई है। जेसीबी एवं अन्य साधनों के द्वारा जंगल माफियाओं के अरमानों पर पानी फेरा जाने लगा है। ग्रामीणों ने वनाधिकारियों के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की है। बताया गया है कि वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा के द्वारा अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार बेदखली की कार्यवाही जारी रखते हुए वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है। इस कार्रवाई से दबंगों में खलबली मची हुई है। अब तक वन भूमि पर से अतिक्रमण हटाने से सैकड़ों एकड़ वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त की जा चुकी है। यहां बता दें कि जिले में जतारा क्षेत्र में जहां मुस्तैदी से अतिक्रमण हटाने में वन अमला जुटा हुआ है, वहीं अन्य इलाकों में अतिक्रमणकर्ताओं के हौसले बुलंद बने हुए हैं। शासकीय वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर अन्य इलाकों में नाराजगी बनी हुई है। बताया गया है कि ग्राम आलपुर वन क्षेत्र के आरक्षित कक्ष क्रमांक 270 में 20 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया। विदित हो कि हर वर्ष वर्षा ऋ तु में वन क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों द्वारा वन भूमि पर नया अवैध अतिक्रमण करने के प्रयास के साथ पुराने अतिक्रमण को बढ़ाने का प्रयास संगठित होकर किया जाता है। जिसकी रोकथाम के लिए वन परिक्षेत्र जतारा का वन अमला हमेशा 24 घंटे मुस्तैद होकर बेदखली का कार्य वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व में लगातार कर रहा है। इसी के तारतम्य में 08 जुलाई 2025 को आलपुर बीट अंतर्गत वन क्षेत्र में कुछ अतिक्रमणकारियों द्वारा संगठित होकर पुराने अतिक्रमण के साथ नए अतिक्रमण को करने के प्रयास में जुताईं, बखराई के साथ-साथ झोपड़ी और पक्का निर्माण किया जा रहा था। जिसकी भनक वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को लगी। उन्होंने तत्काल दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से कार्रवाई की। बताया गया है कि उन्होंने बीट आलपुर के आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आर एफ 270 में 20 हैक्टर वन भूमि पर अतिक्रमण बेदखली करते हुए सुरक्षित कराया गया। जिसके बाद चारों तरफ से सीपीटी और बड़े-बड़े गड्ढे और खाई खोदकर कटीले प्रजाति की बुवाई की गई। उक्त अतिक्रमण बेदखली की कार्यवाही वन सरंक्षक छतरपुर, वन मंडल अधिकारी टीकमगढ़, उपवन मंडल अधिकारी टीकमगढ़ के दिशा निर्देशन और मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व में की गई, जिसमें वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण वन अमला मौजूद रहा।








