
टीकमगढ़। जतारा वन परिक्षेत्र की आलपुर बीट अंतर्गत अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा था। वन अमले ने अतिक्रमण को हटाते हुए आरोपी के विरूद्ध कार्रवाई की। बताया गया है कि वर्षा ऋ तु में अतिक्रमण की रोकथाम और उसकी बेदखली के लिए किए जा रहे प्रयासों के अंतर्गत रोजाना वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के द्वारा कहीं न कहीं अतिक्रमण बेदखली की कार्यवाही करते हुए वन क्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जा रहा है। इसी तारतम्य में 04 जुलाई 2025 की शाम वन परिक्षेत्र जतारा की आलपुर बीट नंबर 1 के कक्ष क्रमांक आर एफ 270 ए नया कक्ष क्रमांक आर एफ 607 रिजर्व फॉरेस्ट में आलपुर गांव के एक ही परिवार के चार लोग, जिनका नाम खलक सिंह यादव, घन श्याम यादव, विक्रम यादव और हर प्रसाद यादव द्वारा रातों रात एक से दो हैक्टेयर जंगल की जमीन पर बाड़ा बनाकर कब्जा करके और उसमें से कुछ भाग पर पक्का फाउंडेशन भरकर ईंट की पिलर बनाकर पक्का मकान निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिसकी खबर वन विभाग को लगने पर तत्काल वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के द्वारा वन अमले को मौके पर भेजा जाकर बन रहे पक्के मकान को ध्वस्त किया गया। उन्होंने मौके से अतिक्रमणकारियों को वन भूमि से बेदखल किया गया, जिसका विरोध अतिक्रमणकारियों द्वारा करते हुए वन अमले से लड़ाई- झगड़ा और छीना झपटी की गई, जिसके बाद वन अमले ने बेदखली उपरांत खलक सिंह यादव, विक्रम यादव, हर प्रसाद यादव एवं घन श्याम यादव चारों निवासी आलपुर के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 247/02 दिनांक 04 जुलाई 2055 पंजीबद्ध करने के बाद पूरे दल बल के साथ रात्रि में अपराधियों की धरपकड़ की गई, जिसमें से तीन अपराधी गांव छोडक़र फरार हो गए। एक अपराधी हरप्रसाद यादव को 04 जुलाई 2025 की रात्रि में ही गिरफ्तार करके प्रकरण अग्रिम कार्यवाही उपरांत आज उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद माननीय न्यायालय जतारा में पेश किया गया, जिसके बाद माननीय न्यायालय जतारा द्वारा आरोपी हर प्रसाद की जमानत ख़ारिज करते हुए जेल वारंट जारी किया गया, जिसके परिपालन में वन अमले के द्वारा अतिक्रमणकारी हर प्रसाद यादव को आज दिनांक 05 जुलाई 2025 को जतारा जेल में दाखिला कराया गया। शेष आरोपियों की खोजबीन जारी है। उक्त कार्यवाही वन सरंक्षक छतरपुर, वन मंडल अधिकारी टीकमगढ़ एवं उपवन मंडल अधिकारी टीकमगढ़ के दिशा निर्देशन और मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व में की गई, जिसमें ओम प्रकाश रैकवार कार्यवाहक उपवन क्षेत्रपाल, अशोक वर्मा वनरक्षक, शुभम पटेल वनरक्षक प्रमोद अहिरवार वनरक्षक, विवेक वंशकार वनरक्षक, अमन प्रजापति वन रक्षक, अनिल द्विवेदी स्थाई कर्मी, आजाद खान स्थाई कर्मी, शेख सादिक खान स्थाई कर्मी और वन समिति सदस्य हल्काई यादव शामिल रहे।








